भारतीय मूल के अजय बंगा विश्व बैंक के अगले अध्यक्ष होंगे। विश्व बैंक ने पुष्टि की है कि अजय बंगा को बुधवार को अध्यक्ष चुना गया है। पांच साल के कार्यकाल के लिए बंगा के नेतृत्व को मंजूरी देने के लिए बोर्ड के मतदान के तुरंत बाद प्रकाशित एक बयान में बैंक ने लिखा, "विश्व बैंक समूह बंगा के साथ काम करने के लिए तत्पर है। वह 2 जून को डेविड मालपास से यह भूमिका संभालेंगे।" मास्टरकार्ड इंक के पूर्व सीईओ को राष्ट्रपति जो बाइडेन का पिछले महीने समर्थन मिला था। विश्व बैंक के वर्तमान अध्यक्ष डेविड मलपास ने लगभग एक साल पहले पद छोड़ने की घोषणा की थी। भारत ने विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए अजय बंगा की उम्मीदवारी का समर्थन किया था।
पुणे में जन्म, शिमला से की है पढ़ाई
वर्ल्ड बैंक के एक अध्यक्ष और मास्टरकार्ड के पूर्व सीईओ अजय बंगा का शिमला से नाता रहा है। पुणे में जन्मे बंगा ने 70 के दशक में शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से प्राइमरी स्तर की पढ़ाई की। इनके पिता आर्मी में अफसर थे। इस दौरान कुछ समय के लिए वह शिमला में तैनात रहे। इस दौरान अजय बंगा को सेंट एडवर्ड स्कूल शिमला में पढ़ाई के लिए प्रवेश दिलवाया था। बंगा के वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष पद के लिए नामित होने पर न केवल सेंट एडवर्ड स्कूल बल्कि शिमला और हिमाचल के लिए भी यह गर्व की बात है।
अजय बंगा को विश्व अध्यक्ष के उम्मीदवार के रूप में मिला था व्यापक समर्थन
63 वर्षीय अजय बंगा को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने विश्व बैंक के अगले अध्यक्ष के रूप में नामित किया था। एक खुले समर्थन पत्र में 55 अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, अधिकारियों, दिग्गजों और पूर्व सरकारी अधिकारियों ने विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का समर्थन किया था। बंगा का समर्थन करने वालों में कई नोबेल पुरस्कार विजेता भी थे। इनमें डॉ. जोसेफ स्टिग्लिट्ज़ (जिन्हें 2001 में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला था), डॉ माइकल स्पेंस (2001 में आर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के विजेता) और प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस (2006 के नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता) के नाम शामिल हैं।