कर्मचारियों को नहीं मिली है सैलरी
जेट एयरवेज के अब केवल 15 विमान ही सेवा में हैं। इसके चलते अब यह नियमों के हिसाब से विदेशी जाने वाली उड़ानों का परिचालन नहीं कर सकेगी। एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक समूह ने जेट को 25 मार्च को 1,500 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी, लेकिन 10 दिन बाद भी एयरलाइन को पैसा नहीं मिला। कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल के चेयरमैन पद से इस्तीफे और अंतरिम चेयरमैन की नियुक्त के बाद ही बैंक पैसे देने को राजी हुए थे।
16,000 कर्मचारियों को नहीं मिली सैलरी
बैंकों से पैसे नहीं मिलने की वजह से जेट एयरवेज ने 16,000 कर्मचारियों की मार्च की सैलरी टाल भी दी है। कंपनी अगस्त से पायलटों, इंजीनियरों और वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी देने में देरी कर रही है।
एयरलाइन के चीफ पीपल ऑफिसर राहुल तनेजा ने कर्मचारियों का कहना है, "तकनीकी कारणों से पैसे मिलने में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है। हम बैंकों के साथ लगातार बात कर रहे हैं ताकि कोई समाधान निकल सके।" उन्होंने यह नहीं बताया कि कर्मचारियों को तनख्वाह कब मिलेगी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि नौ अप्रैल को उन्हें इसके बारे में अगली सूचना दी जाएगी।
सरकार दखल नहीं देना चाहती
नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने जेट एयरवेज की मदद में सरकार की दखल से मना किया। उन्होंने कहा बैंक एयरलाइन के शेयरहोल्डर हैं और वही निर्णय ले रहे हैं। मंत्रालय इसमें दखल नहीं देना चाहता।