एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने मंगलवार को कहा कि पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी के बावजूद, चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। एडीबी ने अमेरिकी टैरिफ के भारतीय निर्यात पर असर पड़ने की आशंका जताई है। खासकर दूसरी छमाही में भारतीय निर्यात बुरी तरह से अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हो सकता है।
लचीली घरेलू मांग और सेवा निर्यात से टैरिफ का असर कम होगा
गौरतलब है कि अप्रैल में जारी एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) में भारत की विकास दर के 7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था, जिसे जुलाई की रिपोर्ट में अमेरिकी टैरिफ की चिंता के कारण घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया गया था। एशियाई विकास बैंक ने कहा कि बेहतर उपभोग और सरकारी खर्च के कारण वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई, लेकिन भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ से विकास दर में कमी आएगी, हालांकि लचीली घरेलू मांग और सेवा निर्यात इस प्रभाव को कम कर देंगे।
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टैरिफ का असर सकल घरेलू उत्पाद पर पड़ेगा
एडीबी ने कहा कि टैरिफ लागू होने के कारण निर्यात में कमी का असर वित्त वर्ष 26 और वित्त वर्ष 27 दोनों में भारत के सकल घरेलू उत्पाद पर पड़ेगा। हालांकि सकल घरेलू उत्पाद में निर्यात की कम हिस्सेदारी, अन्य देशों को निर्यात में वृद्धि, टैरिफ से सीधे प्रभावित न होने वाले लगातार मजबूत सेवा निर्यात और राजकोषीय एवं मौद्रिक नीति से घरेलू मांग में तेजी के कारण सकल घरेलू उत्पाद पर प्रभाव सीमित रहेगा। एशियाई विकास परिदृश्य में यह भी अनुमान जताया गया है कि कर राजस्व वृद्धि में कमी के कारण राजकोषीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद के 4.4 प्रतिशत के बजट अनुमान से अधिक रहने की संभावना है।