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GDP: 2021-22 के लिए विकास दर को संशोधित कर 9.1 प्रतिशत किया गया, 2022-23 में 7% की दर से होगी वृद्धि

Tue, 28 Feb 2023 11:06 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Growth Rate: सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में विकास दर सात प्रतिशत रहेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर से दिसंबर तिमाही में विकास दर 4.4 प्रतिशत रही। पिछले वर्ष इसी अवधि में 11.2 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की गई थी।
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जीडीपी ग्रोथ रेट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकार ने वर्ष 2021-22 के आर्थिक विकास दर को संशोधित करते हुए 8.7 प्रतिशत से 9.1 प्रतिशत कर दिया है। सरकार की ओर से इससे संबंधित आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में विकास दर सात प्रतिशत रहेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर से दिसंबर तिमाही में विकास दर 4.4 प्रतिशत रही। पिछले वर्ष इसी अवधि में 11.2 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की गई थी।

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सितंबर 2022 क्वार्टर में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.3% दर्ज की गई थी। इससे पहले जनवरी 2023 में जारी किए गए अग्रिम आंकड़ों में वर्ष 2022-23 के लिए सात प्रतिशत की वृद्ध दर का अनुमान लगाया गया था। दोनों अनुमानों के बीच महत्वपूर्ण अंतर यह है कि एसएई (दूसरे अग्रिम अनुमान) की गणना तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) के जीडीपी आंकड़ों को शामिल करके की जाती है।

इससे पहले दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक ने भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक वित्तीय स्थितियों में सख्ती के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया था। आरबीआई ने पिछले साल दिसंबर में तीसरी बार 2022-23 के लिए विकास दर के अनुमान में कटौती की थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वर्ष 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया है। वहीं एशियाई विकास बैंक का भी अनुमान है कि चालू वित्तीय वर्ष में देश की विकास दर 6.8 प्रतिशत रह सकती है।
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मुख्य आर्थिक सलाहकार बोले- जीडीपी अनुमान के आंकड़े काफी वास्तविक
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अनंत नागेश्वरन ने मंगलवार को कहा कि उच्च आवृत्ति के आंकड़े आर्थिक वृद्धि की गति में तेजी का संकेत देते हैं। उन्होंने कहा, "चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान काफी वास्तविक है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस बात के पर्याप्त संकेत हैं कि विनिर्माण क्षेत्र की स्थिति अच्छी है।

नागेश्वरन ने संवाददाताओं से कहा, "मुद्रास्फीति नरम हो रही है और थोक मूल्य सूचकांक से निकलने वाली स्थिति ने अपना रास्ता तय कर लिया है, अल नीनो गतिविधि के कारण हमें अगले वित्त वर्ष के दौरान आपूर्ति पक्ष और मौद्रिक नीति उपायों दोनों के साथ तैयार रहने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान ओईसीडी और एडीबी जैसी अन्य एजेंसियों के अनुमान के दायरे में है, लेकिन नकारात्मक जोखिम बरकरार हैं।

शुद्ध राष्ट्रीय आय में 18 फीसदी तक की बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान मूल्य पर शुद्ध राष्ट्रीय आय 2021-22 में 203.27 लाख करोड़ रुपये रही थी। 2020-21 में यह 172.23 लाख करोड़ रुपये थी। इस तरह, शुद्ध राष्ट्रीय आय 2021-22 में 18 फीसदी तक बढ़ी है। 2020-21 में इसमें तीन फीसदी गिरावट आई थी। मौजूदा कीमत पर प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 2020-21 में 1,27,065 और 2021-22 में 1,48,524 रुपये रह सकती है।

बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 10 महीने में 7.9 फीसदी रहा
आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली में उत्पादन की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि में 7.9 फीसदी रही। यह आंकड़ा इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 11.6 फीसदी था। मुख्य क्षेत्र या प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों की औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 40.27 फीसदी हिस्सेदारी है।

शुद्ध कर संग्रह 10 माह में 80.9 फीसदी पहुंचा
आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीने में यानी अप्रैल से जनवरी के बीच शुद्ध कर संग्रह 16,88,710 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह 2022-23 के संशोधित बजट अनुमान का 80.9 फीसदी है। इस दौरान सरकार का कुल खर्च 31.67 लाख करोड़ रुपये या 2022-23 के संशोधित अनुमान का 75.7 फीसदी रहा है।

तीसरी तिमाही में 40.19 लाख करोड़ की जीडीपी
राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के मुताबिक, तीसरी तिमाही में स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी का आकार 40.19 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। 2021-22 की समान तिमाही में यह 38.51 लाख करोड़ रहा था। मौजूदा मूल्य पर अर्थव्यवस्था का आकार 62.39 लाख करोड़ से बढ़कर 69.38 लाख करोड़ हो सकता है।

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