भारत में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से छह व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। भारतीय वाणिज्यिक पायलट एसोसिएशन ने एयर इंडिया के निदेशक (संचालन) से मांग की है कि 'कंपनी लैब से जानकारी ले और तुरंत उन सभी पायलटों को सूचित करे जो कोरोना संक्रमित हैं और साथ ही उन पायलटों का परीक्षण करें जो भविष्य में इस घातक महामारी से संक्रमित हो सकते हैं।'
मालूम हो कि भारत में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से जो छह व्यक्ति संक्रमित मिले हैं, उनमें से तीन के नमूने बंगलूरू के निमहंस में, दो के हैदराबाद के सीसीएमबी और एक मरीज के पुणे के एनआईवी में जांच के लिए भेजे गए थे। इन सभी को एक कमरे में आइसोलेट कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटेन से भारत आए छह लोग ब्रिटेन में मिले सार्स-कोव-2 के नए स्ट्रेन से संक्रमित मिले हैं।
25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच लगभग 33,000 यात्री ब्रिटेन से विभिन्न भारतीय हवाई अड्डों पर पहुंचे। इन सभी यात्रियों का राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा आरटी-पीसीआर परीक्षण और उन्हें ट्रैक किया जा रहा है। अब तक केवल 114 लोग कोविड-19 पॉजिटिव मिले हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।
कितना संक्रामक है कोरोना का नया स्ट्रेन?
कोरोना के नए स्ट्रेन को 70 फीसदी अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसका म्यूटेशन कोरोना वायरस में 17 बदलावों के साथ हुआ है, इसलिए यह ज्यादा खतरनाक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये नया वायरस बच्चों और युवाओं को ज्यादा अपनी चपेट में ले रहा है।
नया स्ट्रेन कितना खतरनाक?
कोरोना के इस नए स्ट्रेन को इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि इसके आठ रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं, जिसमें से दो सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। पहला, नए स्ट्रेन का N501Y रूप, जिसकी वजह से वायरस शरीर की कोशिकाओं पर हमला कर सकता है और दूसरा, H69/V70 रूप, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को नुकसान पहुंचाता है।