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लगातार दूसरे साल भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना अमेरिका, नए अवसर उपलब्ध कराएगा 2021

Fri, 25 Dec 2020 04:24 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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अमेरिका-भारत - फोटो : pixabay
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अमेरिका लगातार दूसरे वित्त वर्ष में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना रहा। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2019- 20 में अमेरिका और भारत के बीच 88.75 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। इससे पिछले वर्ष 2018-19 में यह 87.96 अरब डॉलर रहा था।

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भारत-अमेरिका व्यावसायिक परिषद (USIBC) की अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार 'मजबूत और जोशपूर्ण' बने हुए हैं और आने वाला नया साल 2021 इस भागीदारी को और व्यापक तथा गहरा बनाने का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराएगा। बिस्वाल ने उम्मीद जताई कि अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के कामकाज संभालने पर भारत-अमेरिका लघु व्यापार समझौता उनके एजेंडा में सबसे शीर्ष पर होगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मतभेदों को दूर करने के लिए एक समझौते पर बातचीत चल रही है। 

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने के कारण पिछले महीनों के दौरान इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। यूएसआईबीसी की अध्यक्ष बिस्वाल ने कहा कि, 'भारत और अमेरिका के बीच 2020 की शुरुआत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के साथ हुई थी। बिस्वाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच लघु व्यापार समझौता नहीं हो पाया इसके बावजूद दोनों देशों के बीच पूरे साल रणनीतिक भागीदारी जोशपूर्ण बनी रही। उन्होंने कहा चाहे रक्षा क्षेत्र के संबंध हों अथवा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों को लेकर अमेरिका और भारत के बीच नजदीकी समन्वय की बात हो, दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों की तीसरी दो जमा दो बैठक हो द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। 
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महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराएगा 2021
इसके अलावा भारत- प्रशांत क्षेत्र में भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया (क्वाड समूह) को मजबूत बनाने पर भी रिश्तों में मजबूती आई है। बिस्वाल ने कहा कि दुर्भाग्य से व्यापार के मोर्चे पर हम इस स्तर की प्रगति हासिल नहीं कर पाए। दोनों देशों को इस क्षेत्र में नए साल में यह देखने की आवश्यकता होगी कि 2021 इस मामले में शायद दोनों देशों को भागीदारी को अधिक व्यापक बनाने का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराएगा। 

संबंधों को आगे बढ़ाने में निभाई थी अहम भूमिका 
इसमें अवसरों के कुछ अतिरिक्त क्षेत्र भी सामने आएंगे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दूसरे कार्यकाल के दौरान बिस्वाल को विदेश मंत्रालय में दक्षिण और मध्य एशिया क्षेत्र का जिम्मा सौंपा गया था। तब उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका मानना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान यह देखा गया है कि दोनों देश न केवल अपने फायदे के लिए मिलकर काम कर सकते हैं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दोनों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही है। 

उन्होंने कहा कि बाइडेन प्रशासन के लिए जलवायु परिवर्तन प्रमुख मुद्दा होगा। भारत और अमेरिका के बीच सहयोग का यह नया क्षेत्र हो सकता है। बिस्वाल ने गौर करते हुए कहा कि भारत ने स्वच्छ ऊर्जा, सौर और नवीनीकरण ऊर्जा के क्षेत्र में काफी निवेश किया है। बिस्वाल ने कहा कि 2020 काफी महत्वपूर्ण वर्ष रहा है। इसमें कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया गया। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता नहीं हो पाया जबकि इसके लिए काफी समय दिया गया और प्रयास भी किए गए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जो बाइडेन के 20 जनवरी को अमेरिका के नए राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता संभालने के बाद इस दिशा में जल्द से जल्द दोनों देश आगे बढ़ेंगे। 

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