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आज का खास साक्षात्कार : कौशल विकास में वैश्विक राजधानी बनेगा भारत- महेंद्र नाथ पांडेय

Mon, 02 Sep 2019 05:20 AM IST
संदीप भट्ट बिजनेस डेस्क, अमर उमर उजाला, दिल्ली

सार

  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का पहला चरण 2020 में पूरा होगा।
  • सरकार ने तीन ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। 
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विस्तार
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कौशल विकास के मामले में भारत भी विकसित देशों की राह पर चल पड़ा है। भारत पहली बार वर्ल्ड स्किल्स-2019 में स्वर्ण पदक जीतने में भी कामयाब हुआ। रूस के कजान में 22 से 27 अगस्त के बीच आयोजित इस प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण के साथ एक रजत और दो कांस्य समेत भारत ने 19 पदक अपने नाम किए। भारत कौशल विकास के मामले में वैश्विक राजधानी कैसे बनेगा, इस पर शिशिर चौरसिया ने केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय से बातचीत की। पेश हैं कुछ खास अंश :
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सरकार का जोर प्रशिक्षुओं को उद्यमी बनाने पर है। यह कैसे पूरा होगा?

उद्यमी बनने के लिए क्या चाहिए... बेहतर प्रशिक्षण और बाजार की जानकारी। हमारे पास नोएडा में विश्व स्तरीय संस्थान है, जिसका नाम राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु कारोबार विकास संस्थान (निसबड) है। पहले यह एमएसएमई मंत्रालय के तहत आता था। अब इसे हमारा मंत्रालय देख रहा है। यहां भारत के अलावा 25 देशों के लोग वहां प्रशिक्षण ले रहे हैं। सेवानिवृत्त सूबेदार, मेजर आदि को वहां उद्यम लगाने का प्रशिक्षण मिल रहा है, जो पहले सिक्योरिटी गार्ड का काम ही करते थे। निसबड में लोग निर्यात की बारीकियां सीख रहे हैं। हमने तय किया है कि उसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए। वहां से जिन लोगों को प्रशिक्षण मिल जाएगा, उन्हें मुद्रा योजना के जरिए वित्तीय सहायता मिलेगी। इसके लिए स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया जैसी और भी योजनाएं चल रही हैं।


भारत में कौशल विकास पर खास ध्यान नहीं दिया जाता था। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि हम कजान में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे?

इसके लिए मैं सारा श्रेय प्रधानमंत्री की कौशल विकास योजना को दूंगा। इसके तहत देशभर में कौशल विकास केंद्र खोले गए। पुराने केंद्रों को अपग्रेड किया गया। 52.60 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया गया। पहले या परंपरागत रूप से काम कर रहे लोगों को दुनियाभर में मान्यता मिले, इसके लिए हमने करीब 72 लाख लोगों को कौशल प्रमाणपत्र दिया। यही नहीं, अब न सिर्फ लोगों के कौशल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है बल्कि उन्हें उद्यमी बनाने पर भी जोर दे रहे हैं। यही कारण है कि कजान में ओडिशा के प्रतिभागी अश्वत नारायण ने पानी की तकनीक से जुड़े कौशल का प्रदर्शन कर 11 देशों के प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। 

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कौशल विकास का सीधा संबंध रोजगार से है। प्रशिक्षण लेने वाले कितने लोगों को रोजगार मिला है?

हमारे यहां से जो लोग कौशल विकास का प्रशिक्षण ले रहे हैं, उनमें से अधिकतर स्वरोजगार को अपना रहे हैं। हमारा भी मानना है कि प्रशिक्षण के बाद नौकरी करने के बजाय लोग नौकरी दें, तभी उद्यमिता बढ़ेगी। देखिए... अभी तक हमारे कौशल केंद्र से निकलने वाले 11.60 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है। यह उन लोगों की संख्या है, जिन्हें प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार मिल गया है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो कुछ दिन के बाद नौकरी खोजते हैं। अभी तक प्रशिक्षु को सिर्फ तीन महीने तक ही ट्रैक किया जा रहा है। अब हम विचार कर रहे हैं कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के एक साल बाद तक प्रशिक्षु के संपर्क में रहा जाए ताकि पूरी जानकारी मिल सके।



आईआईटी की तर्ज पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। ये संस्थान कहां बनेंगे? 

आपने सही कहा... फिलहाल हमने तीन ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। पहला संस्थान मुंबई में स्थापित होगा, जिसमें हम सरकारी निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित कर रहे हैं। इसमें हमारे साथ टाटा ने सहयोग किया है। इस पर करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसी तरह, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर और गुजरात के अहमदाबाद में भी ऐसे संस्थान शुरू होंगे। 


प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का पहला चरण पूरा होने वाला है। इसके बाद क्या होगा?

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का पहला चरण 2020 में पूरा होगा। इसके बाद हम इसकी समीक्षा करेंगे और उसकी खूबियों और खामियों के आधार पर हम इसका दूसरा चरण शुरू करेंगे। इस चरण का अनुभव हमें दूसरे चरण को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा। वैसे भी, अर्थव्यस्था में तकनीक बदल रही है। जरूरतें बदल रही हैं। मौजूदा जरूरतों हिसाब से आगे की रणनीति बनेगी। देखिए, हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बोलबाला है तो हम अपने प्रशिक्षण में इस पर भी फोकस करेंगे। हमारे प्रशिक्षण कार्यक्रम में सबका समावेश होगा।

 

समाज की जरूरतों के हिसाब से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में आगे की रणनीति बनेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर भी फोकस होगा। -मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री 

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