प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 सम्मेलन में मुलाकात कर की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने अधिकारियों को समझौते की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यावसायिक रूप से सार्थक व्यापार समझौते की दिशा में काम करें।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि भारत के दौरे पर रहेंगे
व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी मजबूती के लिए प्रतिबद्ध
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में मोदी और ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा दोनों देशों और उनके लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। एक बयान में कहा गया है, 'नेताओं ने अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में हुई बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति पर विशेष संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते की दिशा में काम करें।"
दोनों पक्षों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पहले ही कई दौर की बातचीत कर ली है। अपने संबोधन में मोदी ने पिछले साल फरवरी में वाशिंगटन डीसी में ट्रंप से हुई अपनी आखिरी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
पश्चिम एशिया में शांति समझौता पर की प्रशंसा
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में शांति लाने के प्रयासों के लिए ट्रंप की प्रशंसा भी की। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के उन प्रयासों की सराहना की, जिनके परिणामस्वरूप पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और व्यापक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए एक समझौता हुआ।' इसमें कहा गया है कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता और निर्बाध वाणिज्य को बनाए रखने के महत्व और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मोदी-ट्रंप की यह मुलाकात ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य हमलों में एक व्यापारिक जहाज के तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की हत्या को लेकर भारत में बढ़ते आक्रोश के बीच हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'दोनों नेताओं ने फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में हुई अपनी बैठक के बाद से भारत-अमेरिका समझौते (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के अवसरों को उत्प्रेरित करना) के तहत हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।'
पिछले साल दोनों देशों के रिश्ते में आई थी गिरावट
अगले कुछ महीनों में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार और सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उन्होंने दोनों पड़ोसी देशों के बीच सैन्य संघर्ष को सुलझा लिया है। इसके साथ ही लाखों लोगों की जान बचाई है क्योंकि यह एक पूर्ण पैमाने के युद्ध की ओर बढ़ रहा था। नई दिल्ली ने दृढ़ता से यह दावा किया कि शत्रुता की समाप्ति भारत और पाकिस्तान के बीच हुई बातचीत का परिणाम थी। इसमें अमेरिका की भागीदारी का कोई लेना-देना नहीं था।