India-US: बयान के अनुसार अमेरिका को उम्मीद है कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन द्वारा संचालित इस विश्लेषण में राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और निजी कंपनियों जैसे प्रमुख भारतीय हितधारक भाग लेंगे।
भारत और अमेरिका ने वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास और विविधीकरण के अवसरों का पता लगाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की है क्योंकि दोनों देश यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भागीदार हैं कि सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला वर्तमान में चल रहे डिजिटल परिवर्तन के साथ तालमेल बनाए रखे, सोमवार को एक घोषणा में कहा गया।
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अमेरिकी विदेश विभाग ने 2022 के CHIPS अधिनियम के माध्यम से बनाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सुरक्षा और नवाचार (ITSI) कोष के तहत वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने और विविधता लाने के अवसरों का पता लगाने के लिए भारत के साथ साझेदारी करने की घोषणा की।
विदेश विभाग के एक बयान में कहा गया, "यह साझेदारी एक अधिक लचीली, सुरक्षित और टिकाऊ वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला बनाने में मदद करेगी।"
बयान के अनुसार अमेरिका को उम्मीद है कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन द्वारा संचालित इस विश्लेषण में राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और निजी कंपनियों जैसे प्रमुख भारतीय हितधारक भाग लेंगे। मूल्यांकन से प्राप्त अंतर्दृष्टि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को मजबूत करने और विकसित करने के लिए संभावित भविष्य की संयुक्त पहलों के आधार के रूप में काम करेगी।
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साझेदारी की शुरुआत में भारत के मौजूदा सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र और नियामकीय ढांचे के साथ ही कार्यबल और बुनियादी ढांचे की जरूरतों का व्यापक आकलन किया जाएगा।
विदेश विभाग ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के साथ साझेदारी दोनों देशों के लिए लाभदायक है। यह भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग की विस्तार क्षमता को भी रेखांकित करती है। इसके तहत अमेरिकी विदेश विभाग भारत के सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के साथ साझेदारी करेगा।