India-UK FTA: भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए, निवेश समझौते और सामाजिक सुरक्षा समझौते पर वार्ता लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर मतभेद अभी बाकी हैं। इनमें सनसेट क्लॉज, ब्रिटेन का नया कार्बन टैक्स और डाटा लोकलाइजेशन जैसे विषय शामिल हैं, जिन पर और चर्चा की जरूरत है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित एफटीए सहित तीन समझौतों पर वार्ता पूरी होने में कुछ और समय लग सकता है। दोनों पक्षों को अभी कुछ लंबित मुद्दों को सुलझाना है। चार या पांच मुद्दे हैं। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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जिन तीन समझौतों पर बातचीत चल रही है, उनमें मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए), द्विपक्षीय निवेश समझौता (बीआईटी) और सामाजिक सुरक्षा समझौता शामिल हैं। पिछले हफ्ते लंदन में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ बैठक की थी। बैठक के दौरान वार्ता की प्रगति की समीक्षा की गई थी।
एक सूत्र ने बताया कि कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। कुछ और बैठकें होंगी। जिन मुद्दों पर कुछ और चर्चा की आवश्यकता हो सकती है, उनमें बीआईटी में सनसेट क्लॉज, ब्रिटेन का नया कार्बन कर और डाटा स्थानीयकरण शामिल हैं। दोनों पक्ष 29 अप्रैल को लंदन में इन वार्ताओं के समापन की घोषणा करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अंतिम समय में मतभेद उभर आए। गोयल ने 29 अप्रैल को लंदन की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी की। इसके बाद उन्होंने दो मई को ओस्लो (नॉर्वे) और ब्रसेल्स का दौरा किया। केंद्रीय मंत्री रविवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंच रहे हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौ अप्रैल को अपनी ब्रिटिश समकक्ष चांसलर रेचल रीव्स के साथ 13वीं मंत्रिस्तरीय भारत-ब्रिटेन आर्थिक और वित्तीय वार्ता (ईएफडी) को सकारात्मक रूप से पूरा किया और समझौते की वार्ता को जल्द ही पूरा करने की उत्सुकता जताई।
इससे पहले 24 फरवरी को गोयल और ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित एफटीए के लिए वार्ता फिर से शुरू करने की घोषणा की थी। आठ महीने से अधिक समय के अंतराल के बाद वार्ता बहाल हुई। अब तक 14 दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है, जिसकी शुरुआत 13 जनवरी, 2022 को हुई थी।