भारत में दुनिया के किसी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक मोबाइल मालवेयर हमले हो रहे हैं। इस मामले में भारत ने अमेरिका और कनाडा को भी पीछे छोड़ दिया है। चिंताजनक बात है कि एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस जैसे बड़े भारतीय बैंकों के मोबाइल ग्राहकों पर खतरा सबसे ज्यादा है। उन्हें निशाना बनाने के लिए फिशिंग के प्रयासों में बढ़ोतरी देखी गई है।
सुझाव...मजबूत करने होंगे सुरक्षा के उपाय
सिन्हा ने कहा, मालवेयर हमलों के मामले में पिछले साल इस सूची में तीसरे स्थान पर रहने वाला भारत अब शीर्ष पर पहुंच गया है। यह भारतीय उद्यमों के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों को अपनाने की महत्वपूर्ण जरूरत को रेखांकित करता है। खासकर तेजी से डिजिटल बदलाव और बढ़ते साइबर खतरों के बीच।
भारतीय डाक सेवा भी शिकार
भारतीय डाक सेवा भी साइबर हमलावरों का निशाना बन गई। एसएमएस संदेशों का इस्तेमाल कर हमलावर मोबाइल उपयोगकर्ताओं को ऐसे फिशिंग साइटों पर जाने के लिए कहते हैं, जो उन्हें क्रेडिट कार्ड विवरण दर्ज करने के लिए प्रेरित करती हैं।
गूगल प्ले स्टोर पर 200 से अधिक खतरनाक एप
जेडस्केलर के सीआईएसओ-इंडिया के सुवब्रत सिन्हा ने कहा, लीगेसी सिस्टम और असुरक्षित आईओटी/ओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स/ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) परिवेश साइबर अपराधियों का प्रमुख निशाना बन रहे हैं। इन्हें लक्ष्य बनाकर हैकिंग के प्रयासों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर 200 से अधिक ऐसे एप मिले, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक थे। वहीं, आईओटी मालवेयर लेनदेन में सालाना आधार पर 45 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो आज साइबर खतरों की व्यापक प्रकृति को बताती है।
सकारात्मक पहलू
सकारात्मक बात यह है कि मालवेयर उत्पत्ति स्थल के रूप में भारत ने सुधार किया है। वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 5वें स्थान से 7वें स्थान पर पहुंच गया है।