भारत व चीन के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को देखते हुए सरकार चीन पर अपने कई बाजार का दरवाजा भारतीय कारोबारियों के लिए खोलने को लेकर दबाव बना सकती है। चीन के कई कारोबारी क्षेत्र में भारतीय निर्यातकों को व्यापार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सरकार के मुताबिक चीन के साथ भारत के व्यापार घाटे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक चीन के कई क्षेत्रों के बाजार में भारतीय कारोबार की इजाजत नहीं है। इनमें मुख्य रूप से फार्मा व आईटी क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि चीन के आईटी क्षेत्र में भारत के आईटी कारोबारियों के पंजीयन में काफी समय लगता है। वैसे ही चीन के फार्मा बाजार में भारतीय दवाइयों की बिक्री मुश्किल है। उन्होंने बताया कि सरकार चीन के साथ कारोबारी बातचीत के दौरान इन सभी मुद्दों को उठाएगी ताकि चीन के बाजार में भारत का प्रवेश आसान हो सके।
सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार चीन को मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन तभी संतुलित रहेगा जब भारत को चीन के बाजार में कारोबार का पर्याप्त मौका दिया जाएगा।