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ADB: भारत में बागवानी की उत्पादकता बढ़ाने के लिए एडीबी के साथ 10 करोड़ डॉलर का ऋण समझौता, मिलेगा यह फायदा

Sat, 30 Nov 2024 04:30 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ADB: वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी और एडीबी के भारत निवासी मिशन के प्रभारी अधिकारी काई वेई येओ ने 'भारत के स्वच्छ पौध कार्यक्रम का निर्माण' के हिस्से के रूप में ऋण समझौते पर  हस्ताक्षर किए। आइए इसके बारे में जानें।
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एडीबी - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारत और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने देश में बागवानी की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 9.8 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि यह समझौता वित्तपोषण रोग मुक्त रोपण सामग्री प्रणालियों की स्थापना, फसल की पैदावार, गुणवत्ता और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन बढ़ाने में सहायता करेगा।

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मंत्रालय ने कहा, "भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज बागवानी फसल किसानों की प्रमाणित रोग मुक्त रोपण सामग्री तक पहुंच में सुधार करने के लिए 9.8 करोड़ डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए, जिससे उनकी फसलों की पैदावार, गुणवत्ता और जलवायु प्रभावों के प्रति लचीलापन बढ़ेगा।"

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी और एडीबी के भारत निवासी मिशन के प्रभारी अधिकारी काई वेई येओ ने "भारत के स्वच्छ पौध कार्यक्रम का निर्माण" के हिस्से के रूप में ऋण समझौते पर  हस्ताक्षर किए।
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इस अवसर पर बोलते हुए मुखर्जी ने किसानों की उत्पादकता में सुधार के लिए पौधों के स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ADB फंडिंग से पौधों के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा जो किसानों की उत्पादकता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।" येओ बताया कि यह परियोजना भारत सरकार के आत्मनिर्भर स्वच्छ पौध कार्यक्रम (CPP) से जुड़ा है, और पौध स्वास्थ्य प्रबंधन में सुधार पर केंद्रित है। 

उन्होंने कहा, "यह भारत में बागवानी के लिए सीपीपी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विनियामक ढांचे और संस्थागत प्रणालियों को विकसित करने में मदद करेगा। इस परियोजना में निजी नर्सरियों, शोधकर्ताओं, राज्य सरकारों और उत्पादकों के संघों के साथ गहन परामर्श शामिल होगा ताकि इसकी सफलता और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।"

मंत्रालय के अनुसार परियोजना का उद्देश्य रोग निदान के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं से सुसज्जित स्वच्छ पौध केंद्र स्थापित करना है और इसका संचालन प्रशिक्षित विशेषज्ञ करेंगे।

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