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India's Real Estate: रियल एस्टेट में डिजिटल क्रांति, क्या अगले पांच से 10 साल में बदल जाएगी देश की तस्वीर?

Sat, 04 Jul 2026 05:54 PM IST
Navita R Asthana बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में अगले 5 से 10 वर्षों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी वृद्धि होगी। यह प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा अध्ययन पर केंद्रित होगा, जिससे परियोजनाओं की लागत कम होगी और वे समय पर पूरी होंगी।
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रीयल एस्टेड सेक्टर - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में अगले पांच से 10 वर्षों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा अध्ययन के विकास पर केंद्रित होगी। भारत के रियल एस्टेट के डिजिटल भविष्य को आकार देने में डेटा केंद्र, एआर और वीआर तकनीक के साथ एआई की अहम भूमिका होगी।

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (एनआईसीएमएआर) के डायरेक्टर जनरल तापस कुमार गांगुली बताया कि अगले 5 से 10 वर्षों में देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी आएगी। यह पूरी तरह से रियल एस्टेट में काम करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में देश के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और स्मार्ट सिटी में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की पहचान होगी। इन स्थानों पर सौर ऊर्जा, स्मार्ट प्रौद्योगिकी और डिजिटल वास्तुकला तकनीक का उपयोग कर निर्माण होगा। हाल ही में देश का पहला डिजिटल हवाई अड्डा जेवर में तैयार किया गया है। यह एक अत्याधुनिक 'डिजिटल-प्रथम' और ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के रूप में विकसित हुआ है। इसमें कई ऐसी विशेषताएं और नियोजित सुविधाएं हैं जो इसे भारत के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों से अलग करती हैं।

क्या जेवर हवाई अड्डा डिजिटल भविष्य का प्रतीक है?

जेवर हवाई अड्डा भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा है जिसे शुरू से ही शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ बनाया गया है। इसमें केवल सौर पैनल लगाए गए हैं। इसके निर्माण में कम कार्बन वाले LC3 सीमेंट का उपयोग किया गया है। वर्षा जल को उन्नत तरीके से स्टोर करने और पानी के विभिन्न चक्रों में इस्तेमाल से जुड़ी प्रणालियों को भी लागू किया गया है। ऊर्जा-कुशल भवन डिजाइन और स्मार्ट प्रबंधन प्रणालियों को प्राथमिकता दी गई है। एक एकीकृत भू-परिवहन केंद्र हवाई अड्डे के टर्मिनल से प्रस्तावित विस्तार तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करता है। यह हवाई अड्डा भारत के डिजिटल और हरित निर्माण के संकल्प को दर्शाता है।

क्या डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से लागत कम होगी और परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी?

तापस कुमार गांगुली बताते हैं कि भविष्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में लागत कम होने की संभावना है। इसमें डेटा जानकारी के साथ स्वचालन बुद्धिमत्ता का उपयोग किया जाएगा। इससे भविष्य के लिए बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सकेगा। रियल एस्टेट विशेषज्ञ रंजन दास कहते हैं कि मौजूदा समय में रियल एस्टेट परियोजनाएं कई कारणों से देरी से पूरी होती हैं। हालांकि, डिजिटलीकरण की वजह से परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। एआई, स्वचालन और ड्रोन सहित कई नई तकनीकों का उपयोग भविष्य में परियोजना में देरी कम करेगा।

भारत कैसे बन रहा है वैश्विक तकनीकी शक्ति?

रियल एस्टेट विशेषज्ञ पंकज अरोरा कहते हैं कि पिछले एक दशक में भारत सिर्फ एक बड़े डिजिटल बाजार के रूप में नहीं उभरा है। यह दुनिया के सामने एक उदीयमान वैश्विक तकनीकी शक्ति बनकर सामने आया है। आज हमारा देश अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई), स्वदेशी नवाचारों और दमदार स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के दम पर दुनिया में तकनीक की दिशा तय कर रहा है। सरकार के निरंतर निवेश ने देश की तकनीकी क्षमता को विस्तार दिया है। इसने दुनिया में भारत की विश्वसनीयता को भी मजबूत किया है।

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