भारत के निजी क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर में मजबूत रही हालांकि यह अगस्त के पिछले कई वर्षों के उच्चतम स्तर से धीमी रही। कमजोर मांग के कारण नए ऑर्डरों में कमी आई है और रोजगार सृजन भी नरम पड़ा है। मंगलवार को आए एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई है। एसएंडपी ग्लोबल की ओर से संकलित एचएसबीसी का फ्लैश इंडिया कम्पोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) इस महीने गिरकर 61.9 पर आ गया। अगस्त में इसकी अंतिम रीडिंग 63.2 थी।