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PMI: भारत के विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि की रफ्तार अक्तूबर में सुधरी, पीएमआई के आंकड़े जारी

Mon, 04 Nov 2024 11:52 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PMI: अक्तूबर में भारत के मुख्य विनिर्माण पीएमआई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, क्योंकि अर्थव्यवस्था की परिचालन स्थितियों में व्यापक रूप से सुधार जारी है। नए ऑर्डरों और अंतरराष्ट्रीय बिक्री में तेज वृद्धि भारत के विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत मांग के संकेत देते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर के आठ महीने के निचले स्तर से अक्तूबर में सुधर कर 57.5 हो गई। सोमवार को एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सितंबर के आठ महीने के निम्नतम स्तर 56.5 से बढ़कर अक्टूबर में 57.5 हो गया, यह आंकड़ा परिचालन स्थितियों में पर्याप्त और त्वरित सुधार के संकेत देता है।

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पीएमआई की भाषा में, 50 से ऊपर का अंक विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन को दर्शाता है। एचएसबीसी के मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, "अक्तूबर में भारत के मुख्य विनिर्माण पीएमआई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, क्योंकि अर्थव्यवस्था की परिचालन स्थितियों में व्यापक रूप से सुधार जारी है। नए ऑर्डरों और अंतर्राष्ट्रीय बिक्री में तेजी से हो रही वृद्धि भारत के विनिर्माण क्षेत्र की मजबूत मांग वृद्धि को दर्शाती है।"

भारतीय वस्तुओं की मजबूत मांग के कारण प्रदर्शन में तेजी आई। इसके अलावा, नए उत्पादों की शुरूआत और सफल विपणन पहलों ने बिक्री प्रदर्शन को बढ़ाने में मदद की। सितंबर के दौरान डेढ़ साल में सबसे कम वृद्धि के बाद नए निर्यात ऑर्डर में भी मजबूत वृद्धि देखी गई। पैनल के सदस्यों ने एशिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका और अमेरिका से नए अनुबंधों में वृद्धि की सूचना दी।
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कीमत के मोर्चे पर, अक्तूबर के आंकड़ों ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत मुद्रास्फीति दबाव का संकेत दिया। माल उत्पादक अतिरिक्त कर्मचारी रखने के लिए भी अधिक इच्छुक थे, जिससे बढ़ती सामग्री लागत के साथ-साथ व्यवसायिक व्यय में भी वृद्धि हुई। इनपुट कीमतों और बिक्री शुल्क दोनों में मजबूत दरों पर वृद्धि हुई।

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