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IIP: भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सितंबर 2024 में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि, सरकार की ओर से आंकड़े जारी

Tue, 12 Nov 2024 05:22 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Index of Industrial Production: विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि में सबसे अधिक योगदान "कोक और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के विनिर्माण" का रहा, जिसमें 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। "मूल धातुओं के विनिर्माण" में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई; और "विद्युत उपकरणों के विनिर्माण" में 18.7 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि देखी गई। आइए जानते हैं सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में और क्या जानकारी सामने आई।
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औद्योगिक उत्पादन - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में सितंबर 2024 में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, इसमें पिछले महीने की तुलना में महत्वपूर्ण सुधार हुआ। अगस्त में आईआईपी में -0.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई थी। समग्र सूचकांक सितंबर 2023 में 142.3 की तुलना में बढ़कर 146.7 हो गया, जो कई प्रमुख उद्योगों में मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है, इनमें विनिर्माण क्षेत्र अग्रणी रहा।

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तीन प्रमुख क्षेत्रों- खनन, विनिर्माण और बिजली- ने सितंबर में अलग-अलग प्रदर्शन किए। खनन में 0.2 प्रतिशत की मामूली वृद्धि देखी गई, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में 3.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई। 

विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि में सबसे अधिक योगदान "कोक और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के विनिर्माण" का रहा, जिसमें 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। "मूल धातुओं के विनिर्माण" में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई; और "विद्युत उपकरणों के विनिर्माण" में 18.7 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि देखी गई।
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आईआईपी वृद्धि से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार प्राथमिक वस्तुओं में 1.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई, जबकि पूंजीगत वस्तुओं में 2.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। मध्यवर्ती वस्तुओं में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसने समग्र आईआईपी वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बुनियादी ढांचे और निर्माण वस्तुओं में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में सभी श्रेणियों में सबसे अधिक 6.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में भी 2.0 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सकारात्मक उछाल देखा गया। इनमें से, इंटरमीडिएट गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और प्राइमरी गुड्स सितंबर के आईआईपी वृद्धि में शीर्ष योगदानकर्ता के रूप में उभरे, जो विभिन्न उपभोक्ता और औद्योगिक क्षेत्रों में मजबूत मांग को उजागर करते हैं।

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