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PMI Services: सेवा क्षेत्र में चार महीने की सबसे मजबूत वृद्धि, पीएमआई सर्वेक्षण के आंकड़े क्या कहते हैं, जानें

Mon, 06 Jan 2025 12:49 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीएमआई सर्वेक्षण के अनुसार दिसंबर में मांग बढ़ने से सेवा क्षेत्र में वृद्धि को मदद मिली। इस दौरान व्यापार प्रवाह व उत्पादन को बढ़ावा मिला। नतीज हुआ कि सेवा प्रदाताओं ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अधिक श्रमिकों को काम पर रखा।
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भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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भारत के सेवा क्षेत्र में 2024 के आखिरी महीने में मजबूती दिखी। पीएमआई सर्वे के अनुसार, एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स नवंबर के 58.4 से बढ़कर दिसंबर में 59.3 हो गया। यह चार महीने की सबसे बड़ी वृद्धि है। ये आंकड़े सेवा क्षेत्र में मजबूती के संकेत देते हैं। 

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पीएमआई सर्वेक्षण के अनुसार दिसंबर में मांग बढ़ने से सेवा क्षेत्र में वृद्धि को मदद मिली। इस दौरान व्यापार प्रवाह व उत्पादन को बढ़ावा मिला। नतीज हुआ कि सेवा प्रदाताओं ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अधिक श्रमिकों को काम पर रखा।

पीएमआई सर्वे के अनुसार, "सेवा क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि का स्तर नवंबर महीने की तुलना में 58.4 से बढ़कर दिसंबर में 59.3 हो गया। यह चार महीने में सबसे मजबूत वृद्धि दर है। नवंबर की तुलना में रोजगार वृद्धि दर में मामूली कमी के बावजूद, नौकरी सृजन की गति दिसंबर 2005 में डेटा संग्रह शुरू होने के बाद से सबसे अधिक दर्ज की गई।
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सर्वेक्षण के अनुसार वित्त और बीमा जैसे उप-क्षेत्रों के नए ऑर्डर और व्यावसायिक गतिविधि दोनों में सबसे मजबूत वृद्धि देखी गई।सेवा क्षेत्र की कंपनियां भविष्य की वृद्धि के बारे में आशावादी बनी रहीं, और उनके आत्मविश्वास स्तर दीर्घावधि औसत से ऊपर बना रहा। 

सेवा क्षेत्र की कंपनियों की क्षमता में वृद्धि, नए ग्राहक पूछताछ और मार्केटिंग के लिए बजट आवंटन सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। सर्वेक्षण के नुसार इनपुट लागतों में नरम वृद्धि दिखी।  हालांकि खाद्य, श्रम, और सामग्रियों कंपनियों अब भी ज्यादा खर्च करना पड़ा। इसी तरह, दिसंबर में महंगाई थोड़ी कम हुई, जिससे ग्राहकों को राहत मिली।

सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय सेवा प्रदाताओं को मिले अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों में ठोस वृद्धि के संकेत मिले हैं। हालांकि, विदेशों में मांग की वृद्धि तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई है।

HSBC इंडिया कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स, जो सेवाओं और विनिर्माण गतिविधि को संयुक्त रूप से ट्रैक करता है, नवंबर में 58.6 से दिसंबर में बढ़कर 59.2 हो गया, जो चार महीनों में निजी क्षेत्र के उत्पादन में सबसे तेज़ वृद्धि का संकेत देता है।

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