फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Forex: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर, पश्चिम एशिया तनाव के बीच 4.885 अरब डॉलर की वृद्धि

Fri, 06 Mar 2026 06:28 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 4.885 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर पर पहुंचा। गोल्ड रिजर्व और फॉरेन करेंसी एसेट्स में दिखी वृद्धि। आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों में क्या है, जानने के लिए पढ़ें, पूरी खबर।
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बावजूद, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 4.885 अरब डॉलर की प्रभावशाली वृद्धि के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह अभूतपूर्व वृद्धि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

क्या कहते हैं आरबीआई के आंकड़े?

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार के प्रमुख घटकों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

  • स्वर्ण भंडार: गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.141 अरब डॉलर बढ़कर 131.630 अरब डॉलर हो गया है। यह वृद्धि सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को इंगित करती है।
  • विदेशी मुद्रा अस्तियां: विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक, फॉरेन करेंसी एसेट्स, 56.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 573.125 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। एफसीए में डॉलर के साथ-साथ जापानी येन, यूरो और ब्रिटिश पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का भंडार शामिल होता है, जिनका मूल्य डॉलर में मापा जाता है।
  • विशेष आहरण अधिकार: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से जारी विशेष आहरण अधिकारका मूल्य 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.866 अरब डॉलर हो गया है।
  • रिजर्व पोजीशन: भारत की आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन भी 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.873 अरब डॉलर हो गई है।

यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर फरवरी के मध्य में 725.727 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।

विदेशी मुद्रा भंडार अर्थव्यवस्था के लिए कितना महत्वपूर्ण?

किसी भी देश के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक स्थिरता का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। यह न केवल देश की वित्तीय सेहत को दर्शाता है, बल्कि मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।

  • विनिमय दर स्थिरता: डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ने की स्थिति में, केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करके डॉलर की बिक्री कर सकता है, जिससे रुपये को गिरने से रोका जा सके और विनिमय दर में स्थिरता लाई जा सके।
  • आर्थिक मजबूती: विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि यह भी संकेत देती है कि देश में डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था को बल प्रदान करती है।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आसानी: बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना और वित्तीय लेन-देन करना अधिक सुगम हो जाता है।

अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता, अब आगे क्या?

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह रिकॉर्ड वृद्धि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता का प्रमाण है। यह दर्शाता है कि निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं और देश की वित्तीय नीतियां प्रभावी साबित हो रही हैं। यह भंडार देश को भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित आर्थिक झटके से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में रखता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें