इंडिया रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का पूर्वानुमान 9.6 फीसदी से घटाकर 9.4 फीसदी कर दिया है। इस संदर्भ में रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बाद मजबूत रिकवरी हुई है। लेकिन देश की पूरी जनसंख्या को वर्ष के अंत तक वैक्सीन लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा।
आरबीआई ने जताया 9.5 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए RBI द्वारा अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 9.5 फीसदी है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 21.4 फीसदी होगी, दूसरी तिमाही में 7.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.3 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.1 फीसदी। शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में देश की वास्तविक जीडीपी 17.2 फीसदी रह सकती है।
रेटिंग एजेंसी इकरा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 20 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। लेकिन इस वृद्धि के बावजूद यह कोविड-19 से पहले के स्तर की तुलना में काफी कम रहेगी।