ई-कॉमर्स में निवेश के क्षेत्र में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस संबंध में सामने आई एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि डिजिटल खरीदारी कंपनियों के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा वैश्विक उद्यम पूंजी निवेश केंद्र है।
भारत डिजिटल शॉपिंग कंपनियों के लिए दूसरा सबसे बड़ा वैश्विक उद्यम पूंजी निवेश केंद्र है। साल 2020 के मुकाबले साल 2021 में इसमें 175 फीसदी का इजाफा हुआ है। साल 2020 में जहां यह निवेश आठ अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 612 अरब 60 करोड़ 80 लाख रुपये) था जो साल 2021 में बढ़कर 22 अरब डॉलर (करीब 1684 अरब 67 करोड़ 20 लाख रुपये) हो गया। यह जानकारी बुधवार को जारी एक आधिकारिक विश्लेषण में दी गई।
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वैश्विक मानक पर इस मामले में भारत पिछले साल संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर रहा था। अमेरिका ने इस क्षेत्र में 51 अरब डॉलर (लगभग 3906 अरब 62 करोड़ 55 लाख रुपये) का निवेश जुटाया था। वहीं, 14 अरब डॉलर (लगभग 1072 अरब 40 करोड़ 70 लाख रुपये)के निवेश के साथ चीन तीसरे और सात अरब डॉलर (करीब 536 अरब 20 करोड़ 35 लाख रुपये) के निवेश के साथ यूनाइटेड किंगडम चौथे स्थान पर रहा था।
साल 2021 में भारत में, 14 अरब डॉलर की उद्यम पूंजी निवेश के साथ बेंगलुरु शीर्ष पर रहा। वहीं, चार अरब डॉलर के साथ गुरुग्राम सातवें स्थान पर और मुंबई 10वें स्थान पर रहा जहां तीन अरब डॉलर का निवेश आया। साल 2020 के मुकाबले बेंगलुरु में निवेश लगभग तीन गुना बढ़ा है। यह न्यूयॉर्क सिटी (दूसरे स्थान पर), सैन फ्रांसिस्को (तीसरे स्थान पर), लंदन (चौथे स्थान पर) और बर्लिन (पांचवें स्थान पर) से आगे निकल कर शीर्ष पर पहुंच गया है।
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डीलरूम डॉट को के लंदन एंड पार्टनर एलालिल निवेश डाटा के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान लॉकडाउन की एक श्रंखला के दौरान ऑनलाइन खरीदारी की मांग में आई बढ़ोतरी ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर खींचा है। लंदन की अंतरराष्ट्रीय कारोबार एवं निवेश एजेंसी लंदन एंड पार्टनर्स में भारत के लिए मेयर हेमिन भरूचा ने बताया कि निवेश के इस मामले में भारत और यूके दुनिया के शीर्ष केंद्रों में से एक हैं।