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डिजिटल रेस में अमेरिका और चीन को पछाड़ सकता है भारत: रिपोर्ट

Wed, 11 Dec 2019 12:12 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो)
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साल 2030 तक भारत एक नया मुकाम हासिल कर सकता है। डिजिटल की रेस में भारत अमेरिका और चीन जैसे देशों से आगे निकल सकता है। आगामी वर्षं में अमेरिका की अमेजन और चीन की टेंसेंट जैसी भारत में आठ कंपनियां हो सकती हैं। अमेरिका की जीवीजी कैपिटल ने एक 'कौन जीतेगा अगली डिजिटल रेस' नाम से एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें यह अनुमान लगाया गया है।

इन क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है भारत

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हेल्थ, फूड, रिटेल, फाइनेंशल सर्विस, कंज्यूमर प्रोडक्ट, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक और टेलीकॉम जैसे बड़े क्षेत्रों में तेजी से विकास हो सकता है। भारत की एयरटेल, डीमार्ट, गोदरेज और रिलायंस जैसी अन्य कंपनियां काफी मजबूत हैं।  

पहली डिजिटल रेस में आई ये कंपनियां

रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली डिजिटल रेस यानी साल 1995 से अबतक दुनिया में आठ डिजिटल दिग्गज कंपनियां आई हैं, जिनमें से छह कंपनियां अमेरिका की हैं। इनमें अमेजन, एपल, फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और नेटफ्लिक्स शामिल हैं। वहीं अलीबाबा और टेंसेंट चीन की कंपनियां हैं। साथ ही दुनिया की 10 सबसे ज्यादा वैल्यूएबल कंपनियों में से सात कंपनियां इन्ही में से हैं। 

2020 - 2030 में हो सकती हैं 40 बड़ी कंपनियां

वहीं दूसरी डिजिटल रेस यानी 2020 से 2030 में भारत जैसे 15 देशों से लगभग 40 नए डिजिटल दिग्गज पैदा होने की संभावना है। उभरती बड़ी कंपनियों के पास बढ़ोतरी का ज्यादा मौका है।  

5000 कंपनियों की स्टडी पर आधारित है रिपोर्ट

बता दें कि अमेरिका की जीवीजी कैपिटल द्वारा जारी की गई 'कौन जीतेगा अगली डिजिटल रेस' रिपोर्ट 100 देशों की 5000 कंपनियों की स्टडी के आधार पर तैयार की गई है। 

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