भारत विश्व में सर्वाधिक आबादी वाला देश बन गया है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की 'स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट' ने यह दावा किया। बुधवार को संगठन के डैशबोर्ड के अनुसार, भारतीयों की आबादी 142.86 करोड़ और चीन की 142.57 करोड़ है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका इन दोनों से बहुत पीछे 34 करोड़ के साथ तीसरे नंबर पर है। भारत की आबादी का बड़ा हिस्सा युवाओं का होगा, जो लंबी अवधि में हितकारी माना जा रहा है।
बढ़ती आबादी से चिंतित भारतीय
रिपोर्ट में 1007 भारतीयों सहित करीब 7.8 हजार लोगों पर किए सर्वे के हवाले से कहा गया कि 63 प्रतिशत भारतीयों में बढ़ती जनसंख्या से चिंताएं घर कर चुकी हैं। वे इसकी वजह से कई आर्थिक मसले खड़े होते देख रहे हैं। आर्थिक के साथ-साथ भारतीयों को पर्यावरण, मानवाधिकार, यौन अधिकार व प्रजनन स्वास्थ्य पर भी इसका दुष्प्रभाव नजर आ रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में इससे चिंता न करने की बात कही गई है।
रिपोर्ट में बताया गया कि 2021 में भारत ने जबरन परिवार नियोजन पर अपना विरोध सामने रखा था। संसद में कहा गया कि सरकार ऐसी नीतियों का समर्थन नहीं करती, क्योंकि इनके नुकसान ही सामने आए हैं।
भारत और चीन दोनों देशों में घट रही आबादी, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की कुल 804.5 करोड़ आबादी में से एक-तिहाई लोग चीन व भारत में रहते हैं। लेकिन अब दोनों ने ही जनसंख्या वृद्धि को धीमा किया है।
चीन में बीते छह दशकों में पहली बार आबादी घटी है। वहीं, भारत में वर्ष 2011 में जनसंख्या की सालाना वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रही। इसमें भी कमी दर्ज की गई। यह आंकड़ा इससे पहले के दशक में 1.7 प्रतिशत था।
कौशल विकास समान शिक्षा पर देना होगा जोर
एजेंसी की भारत प्रतिनिधि आंद्रिया वोग्नर के अनुसार बड़ी आबादी से डरने की जरूरत नहीं है। नागरिकों को अधिकार मिलते रहें, तो इसे प्रगति और विकास का चिह्न मानना चाहिए।
पाकिस्तान में 35 वर्ष में दोगुना आबादी
यूक्रेन व नाइजर को महज 19, कांगो व अंगोला को 23, सोमालिया व जांबिया को 25, नाइजीरिया को 29 और पाकिस्तान को महज 35 वर्ष आबादी दोगुना करने में लगे। चीन का आंकड़ा रिपोर्ट में नहीं।
नौ साल वृद्धि औसत उम्र में
(1990 की तुलना में महिला-पुरुष की औसत उम्र में करीब नौ साल की वृद्धि दर्ज की गई। भारत में महिलाओं की आैसत उम्र वैश्विक आंकड़े की तुलना में दो वर्ष कम होगी। पुरुषों की 71 वर्ष ही रहेगी।)
भारत : 26% आबादी 10-24 वर्ष के बीच
0 से 14 वर्ष 25 25 17 36 18
10 से 19 16 18 12 22 13
10 से 24 24 26 18 32 19
15 से 64 65 68 69 60 65
65 से अधिक 10 7 14 4 18
टीएफआर 2.3 2 1.2 3.3 1.7
(टीएफआर व उम्र के अलावा बाकी आंकड़े कुल आबादी का फीसदी)
चीन को यह भी गवारा नहीं : संख्या ही नहीं, गुणवत्ता पर भी निर्भर हैं लाभ
दुनिया की सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश की हैसियत भारत से गंवाने पर चीन ने कहा कि उसके पास अब भी 90 करोड़ के करीब ‘क्वालिटी’ कामगार हैं, जो उसके विकास को तेजी देते रहेंगे। यूएन रिपोर्ट के बाद प्रतिक्रिया में चीन के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, जनसंख्या से मिलने वाले फायदे संख्या पर नहीं, गुणवत्ता पर भी निर्भर करते हैं। जैसे आबादी महत्वपूर्ण है, वैसे ही प्रतिभा भी। वेनबिन ने कहा, चीन की आबादी 140 करोड़ के करीब है। इनमें से कामकाजी उम्र के नागरिकों की संख्या 90 करोड़ के आसपास है।