Oil Import: पिछले महीने भारत ने रूस के अलावे दो अन्य मुख्य आपूर्तिकर्ताओं से भी आयात बढ़ाया है। इराक से तेल की खरीदारी 7% बढ़कर लगभग 8,86,000 बैरल प्रति दिन हो गई है, जबकि सउदी अरब से 12% बढ़कर लगभग 7,48,000 बैरल प्रति दिन हो गई।
भारत अब एक साल पहले की तुलना में 33 गुना अधिक रूसी तेल की खरीदारी कर रहा है। वोर्टेक्सा लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रूड आयातक देश भारत ने दिसंबर महीने में रूस से औसतन 10.2 लाख बैरल तेल की खरीदारी की है। यह नवंबर में आयात किए गए तेल से 29% प्रतिशत अधिक है। रूस अब भारत के लिए तेल का सबसे स्त्रोत देश बन गया है। इस मामले में पिछले कुछ महीने के दौरान उसने इराक और सउदी अरब को पीछे छोड़ दिया है।
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यूक्रेन पर हमले के बाद से भारतीय रिफाइनर सस्ते रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसी स्थिति रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद दुनिया के तेल खरीदारों के रूस से तेल खरीदने से परहेज करने के बाद पैदा हुई है।
वोर्टेक्सा में प्रमुख एशियाई विश्लेषक सेरेना हुआंग ने कहा, "रूस ने भारतीय रिफाइनरों को आकर्षक छूट पर अपने कच्चे तेल की पेशकश की है। इसके बाद रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े आयातक के रूप में भारत ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यूराल के अलावा भारत ने हाल के महीनों में आर्को, सखालिन और वरांडे जैसे अन्य रूसी पेट्रोलियम पदार्थों के ग्रेड के आयात में वृद्धि की है।
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भारत अपनी तेल की मांग का 85% से अधिक आयात के माध्यम से पूरा करता है, इसलिए इसे मूल्य अस्थिरता के लिए अत्यधिक संवेदनशील देश माना जाता है। राज्य के स्वामित्व वाली रिफाइनर, जिन्हें मई के बाद से डीजल और गैसोलीन की कीमतों को बढ़ाने से सरकार ने रोका हुआ ने तेजी से सस्ते रूसी तेल का आयात शुरू कर दिया है।
पिछले महीने भारत ने रूस के अलावे दो अन्य मुख्य आपूर्तिकर्ताओं से भी आयात बढ़ाया है। इराक से तेल की खरीदारी 7% बढ़कर लगभग 8,86,000 बैरल प्रति दिन हो गई है, जबकि सउदी अरब से 12% बढ़कर लगभग 7,48,000 बैरल प्रति दिन हो गई।