वित्त वर्ष 2019-20 में भारत स्टील का शुद्ध निर्यातक रहा है। मौजूदा वर्ष में अप्रैल-अगस्त 2020 के दौरान भारत के स्टील निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 153 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है।
इस्पात मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 में घरेलू कच्चे इस्पात उत्पादन की क्षमता 1098.5 लाख टन प्रति वर्ष (MTPA) से बढ़कर 2019-20 में 142.29 MTPA हो गई है। कच्चे इस्पात के उत्पादन की बात करें, तो यह 2014-15 में 889.8 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2019-20 में 1091 लाख टन प्रति वर्ष हो गया।
भारत सरकार लगातार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम उठा रही है। मालूम हो कि एसबीआई ने जुलाई में एक रिपोर्ट में बताया था कि कोरोना के समय में किन उद्योग को उबरने में समय लगेगा। इसमें स्टील भी शामिल था। स्टील के अतिरिक्त टेलीकॉम, चीनी और निर्माण उद्योग को उबरने में समय लगेगा, जबकि ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े क्षेत्र आर्थिक झटकों से जल्द संभल जाएंगे।
एसबीआई ने बताया था कि महामारी के दौरान 2020-21 के लिए अधिकतर कंपनियों की रेटिंग में गिरावट आई है। निर्माण, कपड़ा, स्टील, रियल एस्टेट, ऑटो उपकरण, रत्न एवं आभूषण क्षेत्र से जुड़ी 2,996 कंपनियों की रेटिंग घटी है, जबकि सिर्फ 182 कंपनियों ने ही बेहतर प्रदर्शन के बूते रेटिंग में इजाफा किया है।