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Inflation: अमेरिका-यूरोप बढ़ती महंगाई से परेशान, भारत बना नजीर, दुनियाभर में हो रही तारीफ

Mon, 08 May 2023 03:40 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लेबनान, वेनेजुएला, अर्जेंटीना और जिम्बाब्वे में यह क्रमशः 352 प्रतिशत, 158 प्रतिशत और 102 प्रतिशत तक पहुंच गई है। कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते दुनियाभर में महंगाई बढ़ी है। 
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भारत में महंगाई काबू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज बढ़ती खाद्य महंगाई दुनिया के कई देशों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। खासकर विकसित देश भी बढ़ती महंगाई से त्रस्त दिख रहे हैं। हालांकि भारत ऐसे समय में पूरी दुनिया के लिए नजीर बना हुआ है, जहां महंगाई काबू में है। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स के अनुसार, भारत में इस साल मार्च में महंगाई दर 4.79 प्रतिशत रही, जबकि बीती फरवरी में यह 5.95 प्रतिशत और बीते साल मार्च में 7.68 प्रतिशत थी। 

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दुनियाभर में हालात खराब
भारत ने जहां महंगाई को काबू कर दुनिया के सामने एक नजीर पेश की है, वहीं दुनिया के विकसित देशों समेत कई देश बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप में महंगाई दर क्रमशः 8.5 प्रतिशत, 19.1 प्रतिशत और 17.5 प्रतिशत है। वहीं लेबनान, वेनेजुएला, अर्जेंटीना और जिम्बाब्वे में यह क्रमशः 352 प्रतिशत, 158 प्रतिशत और 102 प्रतिशत तक पहुंच गई है। कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते दुनियाभर में महंगाई बढ़ी है। 

भारत ने किया शानदार काम
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य प्रोफेसर शामिका रवि ने वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स के आंकड़े शेयर करते हुए भारत की तारीफ की। बता दें कि जिन देशों में सबसे कम महंगाई है, भारत उनमें शामिल है। रूस और यूक्रेन में दुनिया का सबसे ज्यादा अनाज उगाया जाता है। दोनों देशों में युद्ध के चलते अनाज की सप्लाई दुनियाभर में प्रभावित हुई और यह महंगाई बढ़ने का कारण बनी। वहीं भारत ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाकर पहले ही महंगाई को काबू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए थे। रूस से कच्चे तेल का आयात करके भी भारत को महंगाई काबू रखने में मदद मिली। रिजर्व बैंक ने भी रेपो रेट बढ़ाकर महंगाई को काबू में रखा। 
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आरबीआई ने जारी किया अनुमान
भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) अप्रैल 2022 में 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गया था लेकिन मार्च 2023 में यह गिरकर 5.7 प्रतिशत रह गया है। भारत में खुदरा महंगाई लगातार तीन तिमाही तक 6 प्रतिशत से ज्यादा रही थी लेकिन नवंबर 2022 में यह गिरकर 6 प्रतिशत से नीचे आ गई है। रिजर्व बैंक ने ऋण पर ब्याज दर बढ़ाकर अर्थव्यवस्था में मांग को कम रखा, जिसकी वजह से महंगाई भी कम हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में आरबीआई के अनुमान के मुताबिक पहली तिमाही में 5.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत, तीसरी  तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रह सकती है। 

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है महंगाई
वित्त मंत्रालय का मानना है कि आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ भी सकती है। दरअसल मई से तेल उत्पादक देश तेल उत्पादन में कटौती की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही दूध और अनाज की सप्लाई में कमी के चलते भी महंगाई बढ़ सकती है। लंपी वायरस के चलते बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई, जिससे दूध की सप्लाई बाधित हुई है। वहीं बेमौसम बारिश की वजह से देश के कई हिस्सों में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। इन वजहों से आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। 

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