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ISP: भारत का पहला आईएसपी जारी, अप्रैल में 14 प्रमुख क्षेत्रों में दिखी डबल-डिजिट ग्रोथ, जानें आंकड़ों में क्या

Tue, 14 Jul 2026 05:28 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत सरकार ने देश का पहला सर्विसेज इंडेक्स (आईएसपी) जारी कर दिया है। आइए इनके आंकड़ों के जरिए समझते हैं, अप्रैल में रियल एस्टेट, रिटेल और फूड सेक्टर में कितनी बड़ी तेजी दर्ज की गई और कहां रही मंदी।
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आईएसपी के पहले आंकड़े जारी - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े इंजन यानी सेवा क्षेत्र की मासिक सेहत को मापने के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने देश का पहला प्रायोगिक 'इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन' (आईएसपी) जारी कर दिया है। देश की कुल आर्थिक गतिविधि में आधे से अधिक का योगदान देने वाले इस विशाल क्षेत्र के लिए यह सूचकांक बेहद अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। अप्रैल 2026 के लिए जारी किए गए इस पहले सूचकांक के आंकड़े भारतीय सेवा क्षेत्र की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं, जहां कुल 19 उप-क्षेत्रों (सब सेक्टर्स) में से 14 ने सालाना आधार पर दोहरे अंकों में शानदार विकास दर दर्ज की है। 

यह नया 'सर्विसेज इंडेक्स' क्या है और यह क्यों जरूरी है?

यह सूचकांक देश की सांख्यिकीय प्रणाली को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े हिस्से यानी सेवा क्षेत्र के अधिक सटीक मापन के लिए तैयार किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, उप-क्षेत्रीय स्तर पर जारी किया जाने वाला यह इंडेक्स पहली बार भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र में होने वाली अल्पकालिक गतिविधियों का मासिक लेखा-जोखा प्रदान करेगा। यह नया सूचकांक सेवा क्षेत्र की लगभग 60 प्रतिशत गतिविधियों को अपने दायरे में लेता है। इस प्रायोगिक सूचकांक को तैयार करने के लिए आधार वर्ष (बेस ईयर) 2024-25 को तय किया गया है।

अप्रैल 2026 के आंकड़ों में किन क्षेत्रों ने दर्ज की सबसे तेज ग्रोथ?

इस सूचकांक के अनुसार, अप्रैल 2026 में देश के औपचारिक सेवा क्षेत्र में चौतरफा मजबूती देखने को मिली है। विकास की दौड़ में सबसे आगे रहने वाले शीर्ष चार उप-क्षेत्र इस प्रकार हैं:

  • रहने और खाने की सुविधाएं: इस क्षेत्र ने सालाना आधार पर सबसे अधिक 37.2 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है।
  • खुदरा व्यापार: देश में मजबूत उपभोक्ता मांग के चलते खुदरा व्यापार में 30.8 प्रतिशत का तगड़ा उछाल आया है।
  • प्रशासनिक और सहायक सेवाएं: इस सेक्टर ने 28.7 प्रतिशत की ऊंची विकास दर हासिल की है।
  • रियल एस्टेट: रियल एस्टेट सेक्टर भी पीछे नहीं रहा और इसमें 27.7 प्रतिशत की मजबूत तेजी देखी गई है।

इनके अलावा थोक व्यापार, सड़क परिवहन, दूरसंचार और बैंकिंग जैसे बड़े सेवा क्षेत्रों ने भी इस सकारात्मक वृद्धि में अपना अहम योगदान दिया है।

किन क्षेत्रों में आई गिरावट और इसके पीछे क्या वजह है?

एक तरफ जहां अधिकांश सेवा क्षेत्रों में शानदार बढ़त देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ देश के परिवहन नेटवर्क के दो बड़े स्तंभों को सालाना आधार पर झटका लगा है। अप्रैल 2026 के दौरान केवल रेलवे और हवाई परिवहन ही ऐसे क्षेत्र रहे, जिनकी विकास दर नकारात्मक दर्ज की गई। 

  • हवाई परिवहन: इस क्षेत्र में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई और यह सालाना आधार पर13.9 प्रतिशत तक नीचे आ गया।
  • रेलवे परिवहन: रेलवे क्षेत्र में भी सुस्ती दर्ज की गई और इसमें 0.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई।

इन दोनों परिवहन श्रेणियों को छोड़कर बाकी सभी उप-क्षेत्रों ने सकारात्मक वार्षिक वृद्धि हासिल की है।

इस इंडेक्स में कौन सी चीजें शामिल हैं और क्या बाहर रखा गया है?

सरकार ने साफ किया है कि इस सूचकांक को तैयार करने के लिए जीएसटी और प्रशासनिक डेटा को मुख्य स्रोत बनाया गया है। इसका अर्थ यह है कि यह सूचकांक केवल औपचारिक क्षेत्र के उद्यमों* के प्रदर्शन को ही दर्शाता है। ऐसे में, वे सेवाएं जो पूरी तरह से सरकार की मुख्य गतिविधियों से जुड़ी हैं या जहां गैर-बाजार गतिविधियां व असंगठित क्षेत्र हावी हैं, उन्हें इस सूचकांक के दायरे से बाहर रखा गया है।

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भारत के पहले इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (आइएसपी) की शुरुआत आर्थिक विश्लेषण की दिशा में एक बड़ा सुधार है। सेवा क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में दोहरे अंकों की बढ़त से साफ है कि घरेलू मांग मजबूत है, लेकिन एविएशन और रेलवे क्षेत्र में गिरावट नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय हो सकती है। अब से हर महीने की 29 तारीख को यह सूचकांक नियमित रूप से जारी किया जाएगा, जिससे देश की आर्थिक दिशा को और करीब से समझा जा सकेगा।

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