कोरोना महामारी की दूसरी लहर न सिर्फ हजारों लोगों की जान ले रही है, बल्कि लाखों की जीविका भी छीन रही है। नौकरी गंवाने के साथ देश में बेरोजगारी दर भी तेजी से बढ़ रही है। इंडिया इंक ने सरकार से कोविड-19 महामारी की घातक दूसरी लहर के मद्देनजर रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने का आग्रह किया है।
कौशल प्रशिक्षण खोलने का आग्रह
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने वाणिज्य मंत्रालय को सिफारिश की है कि सरकार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के तहत नामांकित लोगों के लिए, जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी है, कौशल प्रशिक्षण खोलना चाहिए। इससे उच्च विकास क्षेत्रों के लिए एक समर्पित कुशल कार्यबल तैयार किया जा सकेगा।
पिछले साल रिकॉर्ड 27 फीसदी बेरोजगारी
मालूम हो कि लंबे लॉकडाउन की वजह से पिछले साल बेरोजगारी दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। मई 2020 को बेरोजगारी दर का आंकड़ा 27.11 फीसदी पर था जो आर्थिक सुधारों के बाद 17 जनवरी 2021 को घटकर 4.66 फीसदी पर आ गया था। 27 दिसंबर को बेरोजगारी दर 9.5 फीसदी थी।
देश में बेरोजगारी दर नौ मई को समाप्त सप्ताह में 8.67 फीसदी के साथ चार महीने के शीर्ष पर पहुंच गई थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि गांवों के मुकाबले शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। इस दौरान शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर 1.64 फीसदी बढ़कर 11.72 फीसदी पहुंच गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर लगातार नीचे रही। नौ मई को समाप्त सप्ताह में ग्रामीण बेरोजगारी दर 7.29 फीसदी थी जो उसके एक हफ्ते पहले 7.35 फीसदी और चार अप्रैल को 8.58 फीसदी थी।
राज्यों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को देश में कोरोना वायरस के कुल 3,26,332 केस दर्ज किए गए। इस दौरान 3,883 लोगों की मौत हुई। गुरुवार को देश में कुल 3,43,122 मामले सामने आए थे जबकि 3994 मरीजों की मौत हो गई थी।