प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में गति, पारदर्शिता और समावेशिता शामिल है।
मुंबई में विश्व हिंदू आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि "मोदी का हिंदू विकास दर मॉडल" दुनिया को नई दिशा दिखाएगा और भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनेगा। हिंदू विकास दर 1950 और 1980 के दशक के बीच भारत की धीमी आर्थिक वृद्धि की ओर इशारा करती है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र भी इस विकास गाथा का हिस्सा बनने और 2028 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षा रखता है। फडणवीस ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के अलावा सरकार राज्य में हरित ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में भी काम कर रही है। उन्होंने प्रौद्योगिकी को समावेशी बताया और कहा कि यह विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
फडणवीस बोले- पीएम मोदी सतत विकास में करते हैं विश्वास
फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सतत विकास में विश्वास करते हैं और उन्होंने अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने के अलावा सांस्कृतिक और सामाजिक प्रगति की दिशा में भी काम किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत एक आर्थिक महाशक्ति बनेगा, जिसकी रीढ़ महाराष्ट्र होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में मुंबई देश की फिनटेक राजधानी बन जाएगी।
उन्होंने आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में हिंदू लोकाचार पर आधारित विकास दृष्टिकोण देने के लिए विश्व हिंदू आर्थिक मंच की सराहना की। फडणवीस ने कहा कि पश्चिमी दुनिया 'सबसे योग्य की उत्तरजीविता ( ‘survival of the fittest’)'में विश्वास करती है, लेकिन हिंदू लोकाचार के अनुसार, जो कोई भी पैदा हुआ है वह जीवित रहेगा, और समाज यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसा हो।
क्या है विश्व हिंदू आर्थिक मंच?
उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति और विकास दमन और उपनिवेशवाद के जरिए हासिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "हमने आक्रमण नहीं किया और (किसी को) लूटा नहीं, बल्कि अपनी ताकत से आगे बढ़े हैं।" विश्व हिंदू आर्थिक मंच ( डब्ल्यूएचईएफ ) एक गैर-लाभकारी संगठन है। यह खुद को एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संगठन बताता है।
यह संगठन दुनिया के विभिन्न हिस्सों में एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और कई क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन करता है। विश्व हिंदू आर्थिक मंच के अनुसार, इसका उद्देश्य हिंदू समाज के व्यापारियों, टेक्नोक्रेट और उद्योगपतियों जैसे आर्थिक रूप से सफल लोगों को एक साथ लाना है, साथ ही अर्थशास्त्रियों और विचारकों को अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधनों को साझा करना है। इस बार इस कार्यक्रम का आयोजन 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक मुंबई में किया जा रहा है।