प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित इंडिया-जर्मनी सीईओ फोरम में दोनों देशों की प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात की। बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जर्मनी द्विपक्षीय व्यापार अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है और यह 50 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां लंबे समय से सक्रिय हैं, जो भारत की अर्थव्यवस्था और यहां उपलब्ध अवसरों पर उनके अटूट भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास आज सुबह आयोजित इंडिया-जर्मनी सीईओ फोरम में स्पष्ट रूप से नजर आया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की मौजूदगी में भारत और जर्मनी के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इससे पहले, चांसलर मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा के तहत दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।
वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास और श्रमिक गतिशीलता सहित कई क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की गई। साथ ही रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा हुई।
आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में भारत और जर्मनी के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया। जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत के कुल ईयू व्यापार में उसका लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। सेवाओं के क्षेत्र में भी भारत-जर्मनी व्यापार 2024-25 में 12.5 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 16.65 अरब डॉलर पर पहुंच गया।