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India Energy Week: पीएम मोदी बोले- भारत-ईयू व्यापार समझौते पर बनी सहमति, वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी

Tue, 27 Jan 2026 11:10 AM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक में कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में बड़े अवसरों का केंद्र बन चुका है और दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील' बताते हुए कहा कि यह व्यापार, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के लिए बड़े अवसर लाएगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका को मजबूत करेगा।
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पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक के उद्धाटन सत्र को संबोधित किया - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडिया एनर्जी वीक के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गोवा में दुनिया के 125 देशों के प्रतिनिधि चर्चा के लिए जुटे हैं। पीएम ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत कम समय में डायलॉग और एक्शन का वैश्विक मंच बनकर उभरा है। भारत ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत बड़े अवसरों की धरती है। देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से विकास कर रही है। यानी हमारे यहां एनर्जी से जुड़े उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत दुनियाभर की मांग को पूरा करने में भी सक्षम है और अवसर मुहैया कराता है।

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प्रधानमंत्री ने भारत की निर्यात क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा, आज हम दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष पांच निर्यातकों में शामिल हैं। 150 से अधिक देशों में भारत सामान निर्यात करता है। भारत की ये क्षमता आपके बहुत काम आने वाली है। एनर्जी वीक का ये प्लेटफॉर्म साझेदारी को एक्सप्लोर करने का उत्तम स्थान है।
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भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर क्या कहा?

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है। दुनिया में लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील के रूप में कर रहे हैं। ये समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़े अवसर लेकर आया है। ये दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का बड़ा उदाहरण बना है। ये समझौता वैश्विक जीडीपी के करीब 25 फीसदी को और ग्लोबल ट्रेड के एक तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

देश के विनिर्माण को मिलेगा बल

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ईयू का समझौता व्यापार के साथ-साथ लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। ईयू के साथ हुए इस एफटीए से ब्रिटेन और एप्टा समझौते (एशिया-प्रशांत व्यापार समझौता) को भी मदद मिलेगी। सभी देशवासियों को इसके लिए बधाई। कपड़ा, चमड़ा और जूता उद्योग, जेम्स व ज्वैलरी जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को भी बधाई। ये समझौता इन लोगों के लिए मददगार साबित होगा। इससे देश में  विनिर्माण को बल मिलने के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में भी मददगार साबित होगा। भारत-ईयू एफटीए से दुनिया के हर कारोबारी और निवेशक का भरोसा भी मजबूत होगा।


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