पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों और उद्योग जगत को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। कुछ स्थानों पर ग्राहकों द्वारा घबराहट में की जा रही खरीदारी (पैनिक बाइंग) की खबरों के बीच, सरकार ने देश के ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई स्तरों पर त्वरित उपाय किए हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बावजूद आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। सरकार ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
एलपीजी वितरकों के पास आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। कल लगभग पचानवे फीसदी बुकिंग ऑनलाइन की गई थीं। लगभग बयासी फीसदी डिलीवरी को प्रमाणीकरण कोड से प्रमाणित किया गया। पिछले दो दिनों में 1.04 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 92 लाख सिलिंडर वितरित हुए।
वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता में सरकार ने करीब सत्तर फीसदी की वृद्धि की है। ढाबों, रेस्तरां और औद्योगिक कैंटीनों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रवासी श्रमिकों को भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी को पर्याप्त एलपीजी मिले।
व्यावसायिक क्षेत्र और एमएसएमई के लिए राहत
वाणिज्यिक (कमर्शियल) एलपीजी की उपलब्धता के मामले में भी सरकार ने सक्रियता दिखाई है। आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करते हुए वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता में लगभग 70% की वृद्धि की गई है। इस वृद्धि का सीधा लाभ छोटे व्यवसायों को मिलेगा, क्योंकि सरकार द्वारा ढाबों, रेस्तरां, औद्योगिक कैंटीनों और प्रवासी श्रमिकों को गैस वितरण में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
अफवाहों से बचने और संयम बरतने की अपील
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से आम जनता से स्पष्ट आग्रह किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। अधिकांश खुदरा बिक्री केंद्र (रिटेल आउटलेट) सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। संयुक्त सचिव ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करें और पैनिक बाइंग से बचें।