आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सदस्य आशिमा गोयल ने कहा कि 2020 के बाद से गंभीर बाहरी झटकों का सामना करने के बावजूद भारत की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। आर्थिक विविधता, पर्याप्त भंडार और व्यवहार्य सुधारों ने नीतियों को महंगाई से निपटने में सक्षम बनाया है।
गोयल ने कहा, इस साल महंगाई आरबीआई के चार फीसदी के लक्ष्य पर पहुंच सकती है। 2020 के बाद से गंभीर बाहरी झटके (रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास युद्ध, तेल की कीमतें, हूती हमले) देखने को मिले हैं। इनके बावजूद इस दौरान भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत हुई है। इन कारकों के कारण रुपया भी स्थिर रहा है। जैसे-जैसे अधिक से अधिक कंपनियां और उपभोक्ता महंगाई लक्ष्य को आत्मसात कर रहे हैं, मुझे लगता है कि 2024 में महंगाई चार फीसदी के करीब पहुंच जाएगी।