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National Anti-profiteering Authority: लॉरियल और इंडिया बुल्स मुनाफाखोरी में फंसे, दोनों ने ग्राहकों को नहीं दिया जीएसटी का फायदा 

Wed, 29 Jun 2022 12:37 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

मुनाफाखोरी महानिदेशालय (डीजीएपी) की जांच में पाया गया कि बहुत सारे सामानों पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया था। पर लॉरियल ने 15 नवंबर, 2017 से फेस वॉश, शैम्पू और कुछ मेकअप उत्पादों पर घटे जीएसटी के बावजूद भी ग्राहकों को इसका फायदा नहीं दिया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण (एनएए) ने लॉरियल इंडिया और इंडिया बुल्स रियल एस्टेट को मुनाफाखोरी का दोषी पाया है। दोनों कंपनियों ने जीएसटी का फायदा ग्राहकों को नहीं दिया है। एनएए ने कहा कि लॉरियल ने 186.39 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जबकि इंडिया बुल्स ने 6.46 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।

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मुनाफाखोरी महानिदेशालय (डीजीएपी) की जांच में पाया गया कि बहुत सारे सामानों पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया था। पर लॉरियल ने 15 नवंबर, 2017 से फेस वॉश, शैम्पू और कुछ मेकअप उत्पादों पर घटे जीएसटी के बावजूद भी ग्राहकों को इसका फायदा नहीं दिया। इस आधार पर कंपनी को मुनाफाखोरी की 50 फीसदी रकम या 93 करोड़ रुपये केंद्रीय उपभोक्ता कल्याण कोष में और बाकी रकम राज्यों के कोष में जमा कराने का आदेश दिया है। 

उत्पादों की कीमतें घटाने का आदेश
इसी के साथ डीजीएपी ने कंपनी को कीमतें घटाने का आदेश दिया है। इसने लॉरियल की जांच नवंबर 2017 से दिसंबर 2018 के बीच की थी, जिसमें यह जानकारी मिली थी। इसने कहा कि कंपनी ने उस समय कोई भी कीमत कम नहीं की और इससे ग्राहकों को नुकसान हुआ।
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उधर, इंडिया बुल्स को नियामक हाउस ने कहा कि उसने घर खरीदारों को 6.46 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं दिया। एक घर खरीदार की शिकायत पर जांच की गई और उसमें यह जानकारी सामने आई। इंडिया बुल्स को 18 फीसदी सालाना ब्याज के साथ रकम लौटाने का आदेश दिया गया है।

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