भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हाचिंस्की दा नोब्रेगा ने शुक्रवार को दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच आपसी व्यापार जल्द ही 20 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। दोनों देश अहम खनिजों, रक्षा, ऊर्जा, दवा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
दोनों देशों के संबंधों में क्या बदलाव आ रहा है?
ब्राजील के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में राजदूत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों देश आपसी संबंधों के एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। जल्द ही दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ आने वाली है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिबद्धता और कारोबार के बढ़ते संबंधों से साझेदारी को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा, राजनीतिक दूरदृष्टि और कारोबार की गतिशीलता मिलकर ब्राजील-भारत संबंधों को एक नए स्तर पर ले जा रही हैं।
ब्राजील का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भारत
राजदूत ने कहा, भारत अब ब्राजील का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। उन्होंने बताया कि भारत और दक्षिणी साझा बाजार (मर्कोसुर) के बीच व्यापार समझौते का दायरा बढ़ाने को लेकर बातचीत में भी ठोस प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि ब्राजील की बड़ी कंपनियां भारत में अपना कारोबार बढ़ा रही हैं। विमान बनाने वाली प्रमुख कंपनी एम्ब्रेयर भी भारत में एक नए बड़े कारोबारी के रूप में उभरी है। राजदूत ने बताया कि ब्राजील में भारत का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी काफी बढ़ा है। भारत की प्रमुख कंपनियों का वहां निवेश बढ़कर 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
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उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में दोनों देशों के बीच कारोबार और तकनीक से जुड़े 150 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों का एक-दूसरे के यहां दौरा हुआ है। इससे आर्थिक संबंधों को बढ़ावा मिला है।
किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?
उभरती तकनीकों और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को लेकर दा नोब्रेगा ने कहा कि भारत और ब्राजील ऊर्जा, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल बुनियादी ढांचे और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'हाल ही में हमने दुर्लभ मृदा तत्वों और अहम खनिजों को लेकर अपने प्रयासों को जोड़ने पर सहमति जताई है। हमने दवा अनुसंधान और नए प्रयोगों के क्षेत्र में नई साझेदारियां भी बनाई हैं। साथ ही, एक व्यापक डिजिटल साझेदारी शुरू की है'।
दोनों देशों के संबंधों में भरोसा कितना अहम?
राजदूत ने आपसी भरोसे को दोनों देशों के संबंधों की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा, यह साझेदारी आठ दशकों में विकसित हुई है। अब इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की भविष्य की प्रतिस्पर्धा और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता से जुड़े क्षेत्रों में ठोस नतीजे मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, जिन अनिश्चित वर्षों से हम गुजरे हैं और जिस अनिश्चित दुनिया में हम रह रहे हैं, उसमें भरोसा सिर्फ एक संपत्ति नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक बढ़त है।
ब्रिक्स में भारत की भूमिका की तारीफ की
बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों के सहयोग का जिक्र करते हुए ब्राजील के राजदूत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए सदस्य देशों को एक साथ लाने की भारत की क्षमता की सराहना की।
उन्होंने कहा, भारत की अगुवाई में ब्रिक्स के भीतर ब्राजील और भारत ने 'पूरे तालमेल के साथ' काम किया। उन्होंने कहा कि भारत ने सभी सदस्य देशों को बातचीत में शामिल रखने के लिए अपनी कूटनीतिक कुशलता दिखाई।
पर्यावरण के क्षेत्र में कैसे बढ़ा सहयोग?
राजदूत ने कहा कि कॉप-30 के बाद दोनों देशों ने पर्यावरण के क्षेत्र में भी अपना सहयोग मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि ब्राजील ने भारत के साथ आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन की सह-अध्यक्षता संभाली है।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला की यात्राओं से क्या फायदा हुआ?
राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2025 में ब्राजील यात्रा और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की इस साल की शुरुआत में भारत यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं से आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए मजबूत राजनीतिक समर्थन मिला।
सांस्कृतिक संबंधों को कैसे बढ़ाएंगे?
आगे की योजनाओं के बारे में राजदूत ने कहा कि दोनों देश सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि ब्राजील 2027 में भारत में मशहूर ब्राजीलियाई संगीतकार एंटोनियो कार्लोस जोबिम की 100वीं जयंती के कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। उन्हें टॉम जोबिम के नाम से भी जाना जाता है।
जोबिम बोसा नोवा संगीत शैली के प्रमुख लोगों में से एक थे। यह ब्राजील की संगीत शैली है। इसे यूरोपीय संगीत के प्रभाव, जैज और अफ्रीकी तालों को मिलाकर तैयार किया गया था। इस शैली को दुनिया भर में पहचान मिली।
ब्राजील के चुनाव का भी किया जिक्र
राजदूत ने ब्राजील में हाल ही में हुए शांतिपूर्ण चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि चुनाव में 15 करोड़ से ज्यादा ब्राजीलियाई लोगों ने हिस्सा लिया। पिछले दो दशकों से ज्यादा समय में इस बार सबसे अधिक मतदान हुआ। उन्होंने इस चुनाव को ब्राजील की लोकतांत्रिक परंपराओं और नागरिक पहचान का प्रतीक बताया।
भारत और ब्राजील वैश्विक के अहम साझेदार हैं। दोनों देश ब्रिक्स, जी20 और संयुक्त राष्ट्र समेत कई बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करते हैं। दोनों देश व्यापार, तकनीक, ऊर्जा बदलाव और वैश्विक संस्थाओं में सुधार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।