भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, भारत 2025-26 में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 3.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर अनुमानित है। यह जानकारी मंगलवार को संसद में दी गई।
सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई है। इसमें कृषि उत्पादकता बढ़ाना और विनिर्माण को प्रोत्साहन देना शामिल है। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजनाएं और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में ढील जैसे कदम उठाए गए हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत किया जा रहा है। विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का विस्तार और लॉजिस्टिक्स में सुधार भी प्रमुख लक्ष्य हैं। नवाचार, डिजिटलीकरण और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और उदारीकृत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति लागू है। कर सुधारों और व्यापार सुगमता में सुधार से भी मदद मिल रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) लगातार घट रही हैं। 31 मार्च, 2026 तक यह घटकर 2,45,634 करोड़ रुपये के निचले स्तर पर आ गया। पीएसबी का जीएनपीए अनुपात 31 मार्च, 2024 के 3.47 फीसदी से घटकर 31 मार्च, 2026 को 1.93 फीसदी हो गया। पिछले तीन वर्षों में पीएसबी में धोखाधड़ी के मामलों में भी कमी आई है। 2023-24 में 54,850 मामले थे, जो 2025-26 में 5,786 रह गए। बैंक धोखाधड़ी और जानबूझकर चूक करने वाले उधारकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 5,147 मामलों में कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है, और 9,451 उधारकर्ताओं के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई है।
पंकज चौधरी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जानकारी दी है। डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (डीईए) फंड के पास 30 जून, 2026 तक 86,917.08 करोड़ रुपये की लावारिस जमा राशि थी। हालांकि, आरबीआई निष्क्रिय बैंक खातों में पड़ी कुल राशि का विवरण नहीं रखता है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि वह डीईए फंड से बैंकों को दावा राशि की प्रतिपूर्ति करता है। यह उन राशियों के लिए होता है जो बैंकों द्वारा दावेदारों को भुगतान की जाती हैं। आरबीआई के अनुसार, 30 जून, 2026 तक डीईए फंड से बैंकों को 17,414.68 करोड़ रुपये की दावा राशि की प्रतिपूर्ति की गई है।