फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोनावायरसः भारत ने ड्रैगन को दिया झटका, मास्क निर्यात करने पर लगाया प्रतिबंध

Fri, 31 Jan 2020 09:19 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
कोरोनावायरस टेस्ट - फोटो : PIB
विज्ञापन

कोरोनावायरस की चपेट में आए चीन को भारत ने किसी भी तरह का मास्क और सर्जिकल सामान के निर्यात पर बैन लगा दिया है। इसमें वायरस से बचने के लिए कपड़े और सभी तरह के साजोसामान भी शामिल हैं। 

विज्ञापन


सरकार के इस कदम से पहले इन सभी तरह के सामान की बिक्री में इजाफा हो सकता था। चीन में फिलहाल इस भंयकर वायरस से 200 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 10 हजार से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि, वायरस से निजी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मास्क, कपड़े, दस्ताने जिनकी जरूरत इस वायरस से निपटने के लिए काम में आ सकती है, उसका निर्यात तत्काल प्रभाव से बंद किया जाता है। 

ऐसे में अब कोई भी व्यक्ति या फिर कंपनी इन मास्क (जिसमें एन95 मास्क) भी शामिल है और अन्य उत्पादों का निर्यात नहीं कर पाएगा। 

एयर इंडिया का विशेष विमान चीन पहुंचा

एयर इंडिया के सीएमडी अश्वनी लोहानी ने बताया कि एयर इंडिया की फ्लाइट से चीन के वुहान से आज कम से कम 400 भारतीयों को लाया जाएगा। यह विमान आज रात एक या दो बजे तक वापस आ जाएगा। भारत पहुंचने के बाद यात्रियों के लिए विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आगे की व्यवस्था की जाएगी।

विज्ञापन


अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के पांच डॉक्टर और एक पराचिकित्सक कर्मी विमान में हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के पांच डॉक्टर और एक परा-चिकित्सक विमान में सवार हैं। विमान में यात्रियों को किसी तरह की सेवा नहीं दी जाएगी। जो भी खाद्य पदार्थ होंगे वह सीट पॉकेट में रखे होंगे। चालक दल के सदस्यों और यात्रियों के बीच बातचीत भी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि चालक दल के सदस्यों और यात्रियों के लिए मास्क का प्रबंध किया गया है। हमने चालक दल के सदस्यों के लिए सुरक्षा कवच का भी प्रबंध किया है।

सेना ने तैयार किया विशेष वार्ड

भारतीय सेना द्वारा हरियाणा के मानेसर में एक विशेष वार्ड बनाया गया है, जिसमें चीन से आने वाले भारतीय छात्रों को रखा जाएगा। इस वार्ड में लगभग 300 लोगों को रखने की सुविधा हैं। इस वार्ड में छात्रों की डॉक्टरों और कर्मचारियों के सदस्यों की एक योग्य टीम द्वारा कुछ हफ्तों तक निगरानी की जा सकती है।

भारतीय सेना ने इस विशेष वार्ड को लेकर कहा कि स्क्रीनिंग और विशेष वार्ड में रखने से पहले दो प्रक्रियाएं होंगी। सबसे पहले हवाई अड्डे पर भारतीय छात्रों की स्क्रीनिंग की जाएगी, उसके बाद उन्हें मानेसर के इस विशेष वार्ड में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध पाया जाएगा तो उसे इलाज के लिए बेस अस्पताल दिल्ली छावनी में आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

सेना ने कहा कि भारतीय छात्रों की स्क्रीनिंग सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) और हवाई अड्डा स्वास्थ्य प्राधिकरण (एपीएचओ) की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें