क्या आपको भी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी पर ईंधन खत्म होने की चिंता सता रही है? अगर हां, तो आपके लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने गुरुवार को उपभोक्ताओं और उद्योगों को आश्वस्त किया है कि आपूर्ति से जुड़ी कोई भी समस्या नहीं है और पैनिक में आकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
पीएनजी को लेकर सरकार का क्या प्लान है?
सरकार अब रसोई गैस के विकल्प के रूप में पीएनजी को तेजी से बढ़ावा दे रही है। मार्च महीने से लेकर अब तक के आंकड़ों के मुताबिक:
सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखित निर्देश दिया है कि वे स्थानीय एजेंसियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित करें।
क्या आपको घबराकर ज्यादा ईंधन खरीद लेना चाहिए?
इस पूरे हालात को देखते हुए सरकार का संदेश एकदम साफ है- अफवाहों पर ध्यान न दें। सुजाता शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल, डीजल और एलपीजी खरीदें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि जहां भी संभव हो, परिवहन के वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करें और जिम्मेदारी से ऊर्जा की बचत करें।
देश में उर्वरक के स्टॉक पर क्या जानकारी दी गई?
प्रेसवार्ता के दौरान उर्वरक विभाग की अपर सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया है कि देश में उर्वरक की स्टॉक स्थिति आरामदायक है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में स्टॉक के मुकाबले 51 फीसदी उर्वरक उपलब्ध है। यह स्थिति किसानों के लिए राहत भरी है। अधिकारियों ने बताया कि उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने में दीर्घकालिक समझौतों ने अहम भूमिका निभाई है। ये समझौते कच्चे माल और तैयार उर्वरक दोनों के लिए किए गए हैं। इन समझौतों से भविष्य में भी आपूर्ति बनी रहेगी। सरकार किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे कृषि उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।