भारत मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये का ऋण देगा और जल्द ही एक मुक्त व्यापार समझौते को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच इसके लिए सहमति बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शुक्रवार को पड़ोसी देश के लिए कई बड़े एलान किए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने जोर दिया कि नई दिल्ली को हिंद महासागर के द्वीपसमूह मालदीव का 'सबसे भरोसेमंद' मित्र होने पर गर्व है। भारत ने मालदीव के वार्षिक ऋण भुगतान दायित्वों को 40 प्रतिशत तक कम करने का भी निर्णय लिया है। इसे 51 मिलियन अमेरिकी डॉलर से घटाकर 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। इससे मालदीव को अपनी आर्थिक समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी।
भारत की ओर से मालदीव के लिए इन महत्वपूर्ण राहत उपायों की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ व्यापक वार्ता के बाद की गई। इसमें व्यापार, रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों देशों ने मत्स्य पालन और जलीय कृषि, मौसम विज्ञान, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई), यूपीआई, भारतीय फार्माकोपिया और द्वीप राष्ट्र को भारत की रियायती ऋण सुविधा के क्षेत्रों से जुड़े छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "हमारे लिए सदैव मित्रता सर्वप्रथम है।" उन्होंने आगे कहा, "हमारे संबंधों की जड़ें इतिहास से भी पुरानी हैं और सागर जितनी गहरी हैं।" मोदी-मुइज्जू के बीच इस बातचीत ने बेचैनी और तनाव के दौर के बाद दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया। रिश्तों में आई नई प्रगाढ़ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुइज्जू नवंबर 2023 में मालदीव में चले "इंडिया आउट" अभियान के दम पर सत्ता में आए हैं।
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा भारत-मालदीव मित्रता किसी भी परिस्थिति के बावजूद सदैव उज्ज्वल और स्पष्ट बनी रहेगी। मोदी ने कहा, हमारी विकास साझेदारी को नई गति देने के लिए हमने मालदीव को 565 मिलियन डॉलर (4,850 करोड़ रुपये) की ऋण सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग मालदीव में बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित परियोजनाओं के लिए, देश के लोगों की प्राथमिकताओं के अनुसार किया जाएगा।
मुइज्जू ने चुनौतीपूर्ण समय में भारत की मदद सराहना की
दूसरी ओर, मुइज्जू ने मालदीव को उसकी आर्थिक चुनौतियों से निपटने में सहायता देने में भारत की "महत्वपूर्ण भूमिका" की सराहना की। उन्होंने कहा, "आवश्यक वस्तुओं के निर्यात के माध्यम से मालदीव को भारत की निरंतर सहायता दीर्घकालिक व्यापार समझौते के तहत हमारे द्विपक्षीय सहयोग का एक प्रमुख पहलू है।"
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि मोदी-मुइज्जू वार्ता के बाद हस्ताक्षरित एक प्रमुख समझौते का मकसद मालदीव की ओर से भारत को दिए जाने वाले वार्षिक ऋण भुगतान में 40 प्रतिशत की कमी करना है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में चीन के बढ़ते आक्रामक व्यवहार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव पर चर्चा हुई।
इस सवाल पर कि क्या क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर चिंताएं वार्ता में शामिल हुईं, मिसरी ने केवल इतना कहा कि भारत मालदीव के साथ ऐसे किसी भी मुद्दे पर मिलकर काम करना जारी रखेगा जो "न केवल हमारी सुरक्षा बल्कि क्षेत्र की साझा सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।" अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष शीघ्र ही द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को डिजिटल अर्थव्यवस्था का लाभ उठाना चाहिए, विशेष रूप से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने यूपीआई अपनाने, रुपे कार्ड की स्वीकृति और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार पर हाल की सहमति का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "मालदीव में जिस गति से यूपीआई को बढ़ावा दिया जा रहा है, उससे पर्यटन और खुदरा दोनों को बढ़ावा मिलेगा।"
मोदी और मुइज्जू ने संयुक्त रूप से भारत की ओर से सहायता प्राप्त कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें माले में रक्षा मंत्रालय का नया भवन, अद्दू शहर में सड़कें और जल निकासी प्रणालियां व हुलहुमाले में 3,300 आवास इकाइयां शामिल हैं। पीएम मोदी ने मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के उपयोग के लिए 72 वाहन और उपकरण भी सौंपे। प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्रालय का भवन 'विश्वास की ठोस इमारत' है और यह हमारी 'मजबूत साझेदारी' का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान क्या-क्या एलान हुए?
- मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की ऋण सहायता (एलओसी) का विस्तार
- भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित ऋण सहायता पर मालदीव के वार्षिक ऋण चुकौती दायित्वों में कमी
- भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (आईएमएफटीए) पर वार्ता का शुभारंभ
- भारत-मालदीव राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ पर संयुक्त स्मारक डाक टिकट जारी किया गया
- भारत की क्रेता ऋण सुविधाओं के अंतर्गत हुलहुमाले में 3,300 सामाजिक आवास इकाइयों का हस्तांतरण
- अड्डू शहर में सड़क और जल निकासी प्रणाली परियोजना का उद्घाटन
- मालदीव में 6 उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
- 72 वाहनों और अन्य उपकरणों का हस्तांतरण