रामनाथ ठाकुर, राज्य कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
- फोटो : X (@RNK_Thakur)
भारत में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की सकल मूल्य वर्धित (GVA) वृद्धि 2024-25 में 10.4 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके साथ ही कुल अन्न उत्पादन 3,577.32 लाख मीट्रिक टन (LMT) तक पहुंच गया, जो 2023-24 की तुलना में 7.65% अधिक है। राज्य कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में बताया कि सरकार लगातार कृषि विकास को प्रभावित करने वाले कारकों जैसे किसान आय, उत्पादन लागत, सिंचाई, बाजार पहुंच और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन कर रही है।
सरकार की रणनीति का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को सतत रूप से विकसित करना है। इसमें शामिल हैं:
- फसल उत्पादन में वृद्धि
- उत्पादन लागत में कमी
- किसानों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना
- कृषि विविधीकरण और फसल कटाई के बाद मूल्य संवर्द्धन
- जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती
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1,27,290.16 करोड़ रुपये हुआ बजट
मंत्री ने यह भी बताया कि कृषि और किसान कल्याण विभाग का बजट 2013-14 में 21,933.50 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1,27,290.16 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही, सभी अनिवार्य खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों के लिए MSP में न्यूनतम 50% लाभ गारंटी लागू की गई है।
सरकार ने किसानों की भलाई और आय बढ़ाने के लिए समय-समय पर नीतियाँ, सुधार, योजनाएं और विकास कार्यक्रम लागू किए हैं। इन योजनाओं में शामिल हैं:
- फसल बीमा और आय समर्थन
- सिंचाई और कृषि अवसंरचना
- जैविक और प्राकृतिक खेती
- किसान समूह और डिजिटल कृषि
- न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद
इन पहलों से किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र की सतत और समग्र वृद्धि सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।