आयकर विभाग इन दिनों रियल टाइम बेसिस पर ई-पैन जारी करने के लिए एक प्रोसेसिंग सेंटर पर काम कर रहा है। इसके तहत लोगों को काफी फायदा होगा क्योंकि अब उन्हें मात्र 10 मिनट में आधार बेस्ड ई-केवाईसी के जरिए ई-पैन मिल जाएगा। इससे आवेदकों का काफी समय बचेगा।
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने जुलाई महीने में इस बात की घोषणा लोकसभा में की थी। तब अनुराग ठाकुर ने कहा था कि 'सरकार रियल टाइम पैन/टैन प्रोसेसिंग सेंटर (RTPC) बनाने पर विचार कर रही है।' इसके साथ ही उन्होंने कहा था, कि 'सरकार ने आयकर विभाग को और मजबूत करने के इरादे से टेक्नोलॉजी सुधार के लिए कई और प्रस्ताव की शुरुआत की है, जिनके तहत विभाग पैन हासिल करने में लगने वाले समय को कम करने के लिए एक रियल टाइम पैन-टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर (TAN) सेंटर पर काम कर रही है।'
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले आठ दिनों में 62,000 से अधिक ई-पैन जारी किए गए हैं। अब इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है। इस सेवा के शुरू होने से आवेदक को बिना कहीं भी जाए पैन कार्ड मिल जाएगा।
यह सुविधा खासतौर से उन आवेदकों के लिए लाई जा रही है जिन्होंने आधार बेस्ड ई-केवाईसी के जरिए आवेदन किया है। बता दें कि टैन 10 संख्या का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है। इसकी आवश्यकता करदाताओं को टैक्स का भुगतान करते समय पड़ती है।
वहीं पैन कार्ड को स्थायी खाता संख्या कहा जाता है, जो आर्थिक लेनदेन के लिए बहुत जरुरी होता है। इसमें भी 10 अंक होते हैं, जो कि आयकर विभाग द्वारा निर्धारित किया जाता है।