वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आयकर विधेयक, 2025 और कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025, दोनों विधेयकों को एक साथ विचार और वापसी के लिए राज्यसभा में पेश किया। इसके अलावा लोकसभा में दिवाला कानून में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में आयकर विधेयक, 2025 और कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 को एक साथ पेश किया। दोनों विधेयकों को सदन में विचार और वापसी के लिए प्रस्तुत किया गया है।
लोकसभा में दिवाला कानून में संशोधन के लिए विधेयक पेश
इसके अलावा वित्त मंत्री ने लोकसभा में दिवाला कानून में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया। मंत्री के अनुरोध पर दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 को सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया।
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दिवाला कानून का क्रियान्वयन कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय कर रहा है। इसकी जिम्मेदारी भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पास है। वर्ष 2016 में लागू हुआ यह कोड अब तक छह बार विधायी हस्तक्षेप हुए हैं। अंतिम संशोधन 2021 में किया गया था।
एक लाख रुपये कमाने वालों को आय कर नहीं देना होगा
इस दौरान मंत्री ने संसद में कहा कि एक लाख रुपये हर महीने कमाने वालों को आय कर नहीं देना होगा, हमने ऐसे टैक्स का ढ़ांचा तैयार किया है। राहत दी गई है, दरों में कटौती की गई है। उन्होंने आगे कहा कि 2019 के बाद से, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं, कोविड हो या न हो, हम लोगों पर कर का बोझ नहीं बढ़ाएंगे। एक पैसा भी नहीं बढ़ाया गया है। सीतारमण ने कहा कि जैसा जुलाई 2024 के बजट में वादा किया था, करों से जुड़े नियमों और प्रावधानों को आसान बनाया जा रहा है।