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आर्थिक गतिविधियों में सुधार: रिकॉर्ड आयात शुल्क ने बढ़ाया जीएसटी संग्रह 

Fri, 02 Apr 2021 07:26 AM IST
देव कश्यप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च में जीएसटी वसूली रिकॉर्ड 1,23,902 करोड़ रुपये रही
  • आयात की जाने वाली वस्तुओं से 31,097 करोड़ रुपये मिले हैं, जो 70 फीसदी ज्यादा है
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वस्तु एवं सेवा कर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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आर्थिक गतिविधियों में सुधार से उद्योग जगत तेजी से पटरी पर लौट रहा है। इससे आयात में वृद्धि देखने को मिल रही है, जिसका असर सरकार के राजस्व पर हुआ। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च में जीएसटी वसूली रिकॉर्ड 1,23,902 करोड़ रुपये रही। इसमें लगातार बढ़ते आयात का सबसे बड़ा योगदान रहा।

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वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि आयात की जाने वाली वस्तुओं से 31,097 करोड़ रुपये मिले हैं, जो 70 फीसदी ज्यादा है। इसके दम पर ही जीएसटी वसूली रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच पाई। इससे पहले इस साल फरवरी में 1,13,143 करोड़ के जीएसटी संग्रह में आयात शुल्क की हिस्सेदारी 21.54 फीसदी यानी 24,382 करोड़ रही थी, जबकि जनवरी में 1.20 लाख करोड़ की वसूली में इसका योगदान 22.8 फीसदी यानी 27,424 करोड़ रुपये रहा था। वहीं, पिछले साल दिसंबर में 1.15 लाख करोड़ की जीएसटी वसूली में आयात शुल्क का हिस्सा 27,050 करोड़, नवंबर के 1.05 लाख करोड़ में 22,078 करोड़ व अक्तूबर के 1.05 लाख करोड़ में आयात शुल्क का हिस्सा 23,375 करोड़ था। एजेंसी

जीएसटी लागू होने के बाद सर्वाधिक वसूली 
वित्त मंत्रालय ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद मार्च, 2021 में यह अब तक का सर्वाधिक संग्रह रहा है। पिछले पांच महीने से जारी तेजी भी बरकरार है। आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च को समाप्त 2020-21 के दौरान जीएसटी संग्रह में पहली तिमाही 41 फीसदी और दूसरी तिमाही में 8 फीसदी गिरावट रही। हालांकि, तीसरी तिमाही में 8 फीसदी और चौथी तिमाही में 14 फीसदी की तेजी रही। 
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बिजली खपत 24.35 फीसदी बढ़ी 
बिजली मंत्रालय के मुताबिक, देश में बिजली खपत मार्च 2021 में एक साल पहले के इसी महीने के मुकाबले 24.35 फीसदी बढ़कर 123.05 अरब यूनिट हो गई, जो आर्थिक गतिविधियों में सुधार को दर्शाता है। पिछले साल मार्च में खपत 98.95 अरब यूनिट दर्ज की गई थी।

पेट्रोल बिक्री में 27 व डीजल में 28% इजाफा
कारोबारी गतिविधियों के रफ्तार पकड़ने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री भी बढ़ी है। घरेलू तेल कंपनियों की मार्च में पेट्रोल की बिक्री 27.4 फीसदी बढ़ी है, जबकि डीजल की बिक्री में 28.6 फीसदी इजाफा हुआ है। उद्योग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण तेल खपत में कमी से पिछले साल इसकी बिक्री बहुत कम हुई थी। 
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इन राज्यों का सर्वाधिक हिस्सा 
महाराष्ट्र-   1   7,038.49 करोड़ रुपये
गुजरात-       8,197.04 करोड़ रुपये
कर्नाटक-       7,914.98 करोड़ रुपये
तमिलनाडु-     7,579.18 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश-    6,265.01 करोड़ रुपये
हरियाणा-      5,709.60 करोड़ रुपये
पश्चिम बंगाल-   4,386.79 करोड़ रुपये
तेलंगाना-       4,166.42 करोड़ रुपये
दिल्ली-         3,925.97 करोड़ रुपये

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