दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के आयातकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। दादरी लॉजिस्टिक्स पार्क और तुगलकाबाद टर्मिनल शुल्क में भारी कटौती की गई है। इससे उद्योगों को लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलेगी। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के आयातकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर) ने कारोबारियों के परिवहन खर्च को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कॉनकोर ने गेटवे पोर्ट से दादरी मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तक आने वाले कंटेनरों के रेल भाड़े में बड़ी कटौती की घोषणा की है।
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कॉनकोर ने गेटवे पोर्ट से दादरी एमएमएलपी तक आने वाले 40 फुट के आयात कंटेनरों के रेल फ्रेट में प्रति कंटेनर 13,000 रुपये की सीधी कमी की है। यह विशेष राहत मुख्य रूप से वेस्ट पेपर, न्यूजप्रिंट और पल्प से भरे आयातित कंटेनरों पर लागू होगी। नई और घटी हुई दरें 15 अक्तूबर 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं।
कॉनकोर के अनुसार, रेल फ्रेट में यह कटौती आयातकों की कुल परिवहन लागत को घटाने और दादरी एमएमएलपी के जरिए माल की आवाजाही को तेजी से बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। दादरी एमएमएलपी दिल्ली-एनसीआर के लिए एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो रहा है, जहां रेल और सड़क दोनों माध्यमों से माल आगे भेजने की बेहतरीन सुविधा है।
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रेल भाड़े में इस कमी से आयातित कच्चे माल को सीधे औद्योगिक इकाइयों और बाजारों तक पहुंचाने का खर्च कम होगा, जिससे अंततः ग्राहकों को भी राहत मिलेगी।
आईसीडी तुगलकाबाद में भी मिली राहत
दादरी के अलावा आईसीडी तुगलकाबाद पर भी टर्मिनल शुल्कों में महत्वपूर्ण रियायतें दी गई हैं। 20 फुट कंटेनर पर 8,500 रुपये की कटौती की गई है। 40 फुट कंटेनर पर यह कटौती 17,000 रुपये की है। वहीं, निर्यात वाले 20 फुट कंटेनर पर 3,500 रुपये की कटौती और 40 फुट कंटेनर पर 7,000 रुपये की कटौती की गई है। यह निर्यात टैरिफ कटौती तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।