आगामी जीएसटी मीटिंग में एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सरकार बहुत जल्द जीएसटी की दरों को घटा सकती है। अगली मीटिंग में दरों के विलय की संभावनाओं की रुपरेखा तैयार करने पर अहम चर्चा होगी।
सरकार की अगली प्राथमिकता 12 फीसदी और 18 फीसदी की दो मानक दरों का विलय कर एक दर बनाने की है और इस पर जल्द फैसला लिया जा सकता है।
इसके साथ ही लॉटरी पर लगने वाले जीएसटी पर भी फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल राज्य संचालित लॉटरी पर 12 फीसदी और राज्य अधिकृत लॉटरी पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। लेकिन लोगों की मांग है कि सभी लॉटरी पर एक समान जीएसटी लगाई जाए क्योंकि इससे उन्हें नुकसान हो रहा है।
इतना ही नहीं, करीब 80 लाख छोटे कारोबारियों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबारियों को मुफ्त में लेखा-जोखा तथा बिल बनाने के सॉफ्टवेयर दे रही है। बता दें कि इसका लाभ वही कारोबारी उठा सकते हैं, जो सालाना 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करते हैं।
इस संदर्भ में जीएसटीएन ने कहा कि, 'यह सॉफ्टवेयर कंपनियों को बिल और उनके लेखा खातों का ब्योरा तैयार करने, भंडार के माल का प्रबंधन तथा जीएसटी रिटर्न तैयार करने में मदद करेगा। करीब 80 लाख एमएसएमई ऐसे हैं जिनका कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से कम है।'
वहीं जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार ने कहा कि इस पहल से एमएसएमई डिजिटल सिस्टम की ओर आगे बढ़ेंगे। इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और अनुपालन बोझ भी कम करने में मदद मिलेगी।