वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, अगर कीमतों में वृद्धि जारी रहती है तो पुराने गहनों की बिक्री 20 फीसदी ज्यादा हो सकती है। यह बिक्री 2019 में 119.5 टन के स्तर पर पहुंच सकती है।
स्थानीय बाजारों में सोने की लगातार बढ़ रही कीमत के कारण पुराने सोने की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। इससे इस साल सोने के आयात में कमी आ सकती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, इस कीमती धातु की घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी का फायदा उठाने के लिए पुराने गहनों की रिकॉर्ड बिक्री देखने को मिल सकती है।
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काउंसिल के मुताबिक, अगर कीमतों में वृद्धि जारी रहती है तो पुराने गहनों की बिक्री 20 फीसदी ज्यादा हो सकती है। यह बिक्री 2019 में 119.5 टन के स्तर पर पहुंच सकती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल में भारत के क्षेत्रीय सीईओ पीआर सोमसुंदरम ने कहा, ऐसी स्थिति में आयात कम होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
इस समय सोना वैश्विक बाजार में 1,960 डॉलर प्रति औंस के करीब है। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से पिछले एक साल में भारत में सोने की कीमतें 20 फीसदी तक बढ़ी हैं। वैश्विक कीमतों के मुकाबले यह दोगुना बढ़त है। जानकारों का कहना है कि ऐतिहासिक रूप से प्रत्येक 100 ग्राम सोने की तुलना में 25 फीसदी पुराने गहनों की बिक्री होती है। इस साल यह 35-40 फीसदी तक पहुंच सकती है क्योंकि कीमतें बढ़ रही हैं।