फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

#LadengeCoronaSe : IMF-विश्व बैंक ने कहा, गरीब देशों से फिलहाल न करें कर्ज की वसूली

Thu, 26 Mar 2020 12:29 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक ने दुनिया भर की सरकारों से बुधवार को आग्रह किया कि वे अभी गरीब देशों से कर्ज की किस्तें लेना टाल दें, ताकि वे कोरोना वायरस महामारी से लड़ सकें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दोनों अंतरराष्ट्रीय वित्त संस्थाओं ने संयुक्त बयान में यह अपील की। इस संदर्भ में दोनों ने कहा कि, ‘‘विश्व बैंक समूह और आईएमएफ का यह मानना है कि ऐसे समय में विकासशील देशों के लिए राहत के संकेत तथा वित्तीय बाजारों के लिए मजबूती के संकेत देना बहुत जरूरी है।’’ 

विज्ञापन


यह अपील उन देशों के लिए है, जो सबसे सस्ते वित्तपोषण की व्यवस्था आईडीए के लिए पात्र हैं। 

सरकारों का एक साथ मिल कर काम करना जरूरी
इससे पहले आईएमएफ की अध्यक्ष क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा था कि कोरोना वायरस से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैली महामारी से उत्पन्न परिस्थियों का सामना करने के लिए सरकारों का एक साथ मिल कर काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को इस संकट से संभालने के लिए मिल कर उसी तरह से जोरदार तरीके से खर्च करने की जरूरत है जैसा 2008 के वित्तीय संकट के समय किया गया था।

उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्थाओं को मदद की जरूरत
इस संदर्भ में आईएमएफ प्रमुख ने ब्लॉग लिखा, जिसमें बताया कि इस समय उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्थाओं को भी मदद की जरूरत है क्योंकि उनके यहां से इस समय नकद धन की बहुत अधिक निकासी हो रही है। उन्होंने कहा है, ‘‘वायरस के प्रसार को देखते हुए’’ देशों के व्यक्तिगत प्रयासों के भी आगे बढ़ कर इस समय वैश्विक स्तर पर एक समन्वित और सुचारू वित्तीय प्रोत्साहन की आवश्यकता का अधिक सशक्त तर्क बनता है।
विज्ञापन


दुनिया थमने के कगार पर
बता दें कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते दुनिया थमने के कगार पर पहुंच चुकी है। तेजी से आते नए मामलों और लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या से पूरा विश्व जूझ रहा है। अब तक 21,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना को और फैलने से रोकने के लिए 200 करोड़ से अधिक लोगों को उनके घरों में ‘कैद’ कर दिया गया है। यानी दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में रहने को मजबूर है। यूरोप समेत कई देशों ने अपनी सीमाएं सील कर आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है। भारत ही नहीं, इटली, स्पेन और फ्रांस समेत दो दर्जन देशों में लॉकडाउन है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें