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अच्छी जीडीपी की उम्मीद पर आईएमएफ ने दिया मोदी सरकार को 'थम्स अप'

Tue, 22 Jan 2019 11:37 AM IST
kapil sharma बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : ANI
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मोदी अर्थशास्त्र के बारे में तारीफ करते हुए कहा कि भारत की विकास दर अगले दो सालों में 7.7 फीसदी के पार जा सकती है। हालांकि आईएमएफ ने कहा कि विश्व के अन्य देशों के मुकाबले भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ सकती है। 

चीन रहेगा भारत से पीछे

आईएमएफ ने कहा है कि अगर दो साल और एनडीए सरकार सत्ता में रहती है तो फिर चीन काफी पीछे रह सकता है। आईएमएफ ने चीन की अर्थव्यवस्था के लिए दोनों सालों में विकास दर 6.2 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। 

तेल की कीमत, महंगाई बनेगी कारण

2019 में कच्चे तेल की कीमतों में कमी रहने और महंगाई न होने की वजह से अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। आईएमएफ ने इस रिपोर्ट को दावोस में हो रहे विश्व आर्थिक मंच की बैठक से पहले जारी किया है। 

अमेरिका, यूरोप के देश भी रहेंगे पीछे

आईएमएफ के मुताबिक जहां भारत की जीडीपी तेजी से बढ़ेगी, वहीं अमेरिका और यूरोप के तमाम देशों में जीडीपी की रफ्तार कम रहेगी। ब्याज दरों में कमी, बैंकों में नगदी की तरलता, रुपये में मजबूती और महंगाई में कमी की वजह से यह सब होने की उम्मीद है। 

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आईएमएफ की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने कहा है कि व्यापार युद्ध से अन्य देशों पर भी असर पड़ेगा और अगर यह जारी रहा तो फिर इसके बुरे प्रभाव भविष्य में देखने को मिल सकते हैं। 

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28 साल बाद चीन हुआ पीछे

जीडीपी के मामले में भारत ने 28 साल बाद पड़ोसी देश चीन को बड़ी मात दे दी है। चीन की विकास दर दिसंबर में खत्म हुई तीसरी तिमाही में 6.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है। वहीं वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी दर घटकर 7.1 फीसदी रह गई थी। यह पहली तिमाही में 8.2 फीसदी थी। इस हिसाब से इसमें 1.1 फीसदी की कमी देखने को मिली है। 

व्यापार युद्ध बना बड़ा कारण

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के अमेरिका के साथ चीन के व्यापार मोर्चे पर जारी तनाव और निर्यात में गिरावट इसकी वजह मानी जा रही है। दिसंबर तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रही, जो कि इससे पहले की तिमाही में 6.5 प्रतिशत थी। 

विश्व बैंक ने लगाया था यह अनुमान

भारत की अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 7.3 प्रतिशत तथा इसके बाद अगले दो साल के दौरान 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान है। विश्वबैंक ने यह अनुमान व्यक्त किया है। विश्वबैंक ने कहा है कि भारत विश्व की सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली मुख्य अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस वित्त वर्ष के लिए विकास दर का 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में विकास दर 7.5 से 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। रॉयटर्स पोल में भी विशेषज्ञों ने पहली तिमाही के मुकाबले गिरावट का अनुमान लगाया था।
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