International Monetary Fund: पाकिस्तान में आईएमएफ के मिशन प्रमुख नाथन पोर्टर बताया है कि आईएमएफ टीम ने विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) के तहत 37 महीने की विस्तारित व्यवस्था की पहली समीक्षा पर पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ एक स्टाफ-स्तरीय समझौता (एसएलए) किया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पाकिस्तान को 1.3 अरब डॉलर का ऋण मंजूर कर दिया है। इसके साथ ही, पहले से स्वीकृत 7 अरब डॉलर के ऋण की पहली समीक्षा पर स्टाफ स्तर का समझौता भी हो गया है। नए समझौते में जलवायु के लचीलेपन को तरजीह दी गई है। यह समझौता 28 महीने से अधिक समय तक चलेगा। इसका उद्देश्य सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए जलवायु से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करना है। इसके अतिरिक्त, 7 अरब अमेरिकी डॉलर के बेलआउट कार्यक्रम के तहत देश के लिए 1 अरब डॉलर जारी किए जाने से अब कुल वितरण 2 बिलियन डॉलर का हो जाएगा।
पाकिस्तान में आईएमएफ के मिशन प्रमुख नाथन पोर्टर ने मंगलवार को कहा, "आईएमएफ टीम ने विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) के तहत 37 महीने की विस्तारित व्यवस्था की पहली समीक्षा पर पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ एक स्टाफ-स्तरीय समझौता (एसएलए) किया है। आईएमएफ (लचीलापन और स्थायित्व ट्रस्ट) के तहत 28 महीनों की अवधि में कुल लगभग 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद दी जाएगी।"
रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, लगभग 2 बिलियन डॉलर तक पहुंच प्रदान करने वाले ये दोनों समझौते "कर समानता, मौद्रिक स्थिरता, ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तन और जलवायु लचीलेपन पर ध्यान केंद्रित करते हुए आर्थिक सुधारों में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण प्रगति का प्रमाण हैं।" आईएमएफ ने अपने बयान में स्थिरता लाने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान की सराहना भी की।
फंड की ओर से जारी एक बयान में पोर्टर ने कहा, "पिछले 18 महीनों में पाकिस्तान ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद व्यापक आर्थिक स्थिरता बहाल करने और विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।" उन्होंने कहा कि हालांकि आर्थिक वृद्धि मध्यम बनी हुई है, मुद्रास्फीति 2015 के बाद से अपने निम्नतम स्तर पर आ गई है, वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। नए ऋण की मंजूरी और ईएफएफ के तहत दूसरी किश्त जारी करने के अनुमोदन से पाकिस्तान को जलवायु परिवर्तन और भुगतान संतुलन के मुद्दे से निपटने में मदद मिलेगी।