दो हजार करोड़ का घपला करके बंगलूरू स्थित आई मॉनेटिरी एडवायजरी ज्वैलस नाम से 'बैंक' चलाने वाले वाला शख्स देश से फरार हो गया है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उसने आत्महत्या करने की बात व्हाट्सऐप पर ऑडियो मैसेज करके दी थी। बंगलूरू पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ऐसा माना जा रहा है कि वो फरार हो गया है।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आईएमए ज्वैलस नामक कंपनी का संस्थापक मोहम्मद मंसूर खान देश छोड़कर दुबई चला गया है। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया का कहना है कि ऑडियो क्लिप में उसने कहा है कि वो राजनेताओं और अधिकारियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार से परेशान हो चुका है, और आत्महत्या करने जा रहा है।
मंसूर खान ने 2006 में आई मॉनेटरी एडवायजरी नाम से एक इस्लामिक बैंक और हलाल निवेशक कंपनी को शुरू किया था। आईएमए ने 14 से 18 फीसदी प्रति माह के बीच निवेश पर ब्याज देने की बात भी कही थी।
आईएमए का ऑफिस बंगलूरू के शिवाजी नगर में स्थित है। सोमवार को इस ऑफिस के बाहर हजारों निवेशक जमा हो गए थे। ऑडियो क्लिप पुलिस कमिश्नर के नाम पर रिकॉर्ड की गई है। क्लिप में उसने कहा है कि वह ‘भ्रष्ट राजनेताओं और अधिकारियों को रिश्वत दे-देकर थक गया’ है।
खान ने अपनी क्लिप में कांग्रेस के विधायक और वरिष्ठ नेता आर रोशन बेग पर आरोप लगाए हैं. खान का दावा है कि बेग ने उससे 400 करोड़ रुपये लिए थे और देने से इनकार कर रहे हैं। खान ने कहा कि उसकी जान को खतरा है। हालांकि बेग ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने फर्म के साथ कोई वित्तीय लेन-देन नहीं किया है, और उनको फंसाया जा रहा है।
खान के बिल्डिंग प्रोजेक्ट में पार्टनर मोहम्मद खालिद अहमद ने उसके खिलाफ 1.3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की एफआईआर दर्ज कराई है। इस एफआईआर के दर्ज होने के बाद ही यह ऑडियो क्लिप वायरल हो गई थी। कंपनी ने आम जनता खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं से दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम इकट्ठा कर ली थी। आईएमए फिलहाल सोने-चांदी की ट्रेडिंग, ज्वैलरी, फार्मेसी, रियल एस्टेट, एजुकेशन, हाइपर मार्केट, पब्लिशिंग और हेल्थकेयर सेक्टर में उपस्थिति है।
अहमद के अलावा तीन हजार से अधिक निवेशकों ने भी खान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की है। खान ने ऑडियो क्लिप में कहा है कि उसने अपने परिवार को एक गांव में छुपा रखा है, लेकिन वो दक्षिण बंगलूरू में है। मैं 500 करोड़ की संपत्ति का मालिक हूं, इसके अलावा 33 हजार कैरेट के हीरे और सोना भी है। यह सब बेचकर के निवेशकों की रकम को लौटाया जा सकता है।